भिवानी में निर्माणाधीन लघु सचिवालय की चौथी मंजिल से गिरी महिला, मौ*त
भिवानी में निर्माणाधीन लघु सचिवालय की चौथी मंजिल से गिरकर करीब 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में इलाज में देरी का आरोप लगाया, जबकि पीएमओ ने जांच की बात कही है।
निर्माणाधीन लघु सचिवालय की चौथी मंजिल से गिरकर महिला की मौत
■ परिजनों ने अस्पताल में इलाज में देरी और लापरवाही का लगाया आरोप
■ पीएमओ ने कहा- जांच में लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी
भिवानी। निर्माणाधीन लघु सचिवालय भवन की चौथी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुई करीब 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई। हादसा सोमवार को चिड़ियाघर के सामने निर्माणाधीन भवन में हुआ। महिला को उपचार के लिए भिवानी नागरिक अस्पताल लाया गया था। बाद में उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के गांव गौरी सागर निवासी हल्ली के रूप में हुई है। वह तीन बच्चों की मां थी। उसके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। परिवार मजदूरी के सिलसिले में भिवानी के सिटी स्टेशन के पास रह रहा था।
निर्माणाधीन भवन में काम के दौरान हादसा
परिजनों के अनुसार, हल्ली सोमवार को निर्माणाधीन लघु सचिवालय भवन में मजदूरी का काम कर रही थी। इसी दौरान वह चौथी मंजिल से नीचे गिर गई। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों की मदद से महिला को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी काफी समय तक महिला की हालत खराब होती रही।
बहन ने कहा- डॉक्टरों से इलाज की गुहार लगाई
मृतका की बहन सपना ने अस्पताल में इलाज में कथित देरी का आरोप लगाया। उसने कहा कि उसकी बहन हादसे के बाद अस्पताल लाई गई थी और उस समय उसकी हालत ठीक थी।
सपना के मुताबिक, उसने डॉक्टरों के सामने रोते हुए अपनी बहन का इलाज करने और उसे बचाने की गुहार लगाई। उसका आरोप है कि करीब दो घंटे तक उचित उपचार नहीं मिला और बाद में महिला को घर ले जाने की स्थिति बनी।
सपना ने कहा कि उसकी बहन के तीन छोटे बच्चे हैं। परिवार का आरोप है कि अगर समय पर बेहतर इलाज मिलता तो महिला की जान बच सकती थी।
पति ने भी लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
हल्ली के पति उत्तम ने बताया कि वह परिवार के साथ मजदूरी करने के लिए भिवानी आया हुआ था। उसकी पत्नी निर्माणाधीन लघु सचिवालय में काम कर रही थी, तभी वह चौथी मंजिल से गिर गई।
उत्तम का आरोप है कि हादसे के बाद पत्नी को नागरिक अस्पताल लाया गया, लेकिन करीब दो घंटे तक उसका समुचित उपचार नहीं हुआ। उसने अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण पत्नी की मौत होने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
पीएमओ बोले- सीटी स्कैन और एक्स-रे की सलाह दी गई थी
वहीं सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. बलवान सिंह ने परिजनों के आरोपों से अलग अस्पताल का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि महिला को छत से गिरने के बाद आपातकालीन विभाग में लाया गया था।
पीएमओ के अनुसार, महिला जब पहली बार अस्पताल पहुंची तो उसकी हालत ठीक थी। डॉक्टरों ने उसकी जांच के लिए सीटी स्कैन और एक्स-रे कराने की सलाह दी थी, लेकिन परिवार की ओर से दोनों जांच नहीं कराई गईं। इसके बाद परिजन महिला को घर लेकर चले गए।
पीएमओ ने बताया कि हालत बिगड़ने के बाद महिला को दोबारा अस्पताल लाया गया, लेकिन तब वह मृत अवस्था में थी। उन्होंने कहा कि महिला के कार्ड में इंजेक्शन दिए जाने का उल्लेख है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी डॉक्टर की लापरवाही सामने आती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से परिवार को भी जांच का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, शुरुआती तौर पर उन्हें डॉक्टर की लापरवाही का मामला नजर नहीं आया।
पुलिस बोली- शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
सिविल लाइन थाना पुलिस के एसएचओ सुमित कुमार ने बताया कि पुलिस को निर्माणाधीन लघु सचिवालय भवन में महिला मजदूर के छत से गिरने की सूचना मिली थी। हादसे में महिला की मौत हो गई।
पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। एसएचओ के अनुसार, अभी परिवार की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने के बाद उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया
हादसे में महिला की मौत के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हल्ली तीन बच्चों की मां थी और परिवार मजदूरी करके अपना गुजर-बसर कर रहा था। परिजन जहां हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं, वहीं अस्पताल में इलाज को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस को परिजनों की लिखित शिकायत का इंतजार है। अस्पताल प्रशासन ने भी डॉक्टरों की कथित लापरवाही के आरोपों की जांच कराने की बात कही है। ऐसे में मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत के लिए किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।
pooja