हिसार में जीवन कुंडू ह*त्याकांड को लेकर चौथे दिन भी धरना, 6 दिन से अंतिम संस्कार नहीं

हिसार के सूर्य नगर में जीवन कुंडू हत्याकांड के मामले में चौथे दिन भी लघु सचिवालय में धरना जारी है। घटना के छह दिन बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है।

हिसार में जीवन कुंडू ह*त्याकांड को लेकर चौथे दिन भी धरना, 6 दिन से अंतिम संस्कार नहीं

सूर्य नगर हत्याकांड को लेकर चौथे दिन भी लघु सचिवालय में धरना
■ जीवन कुंडू के शव का 6 दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं
■ परिजन और प्रदर्शनकारी मांगों पर अड़े, प्रशासन पर बढ़ा दबाव

हिसार। शहर के सूर्य नगर में जीवन कुंडू की हत्या के मामले में परिजनों और समर्थकों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय में धरने पर बैठे हैं और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना के छह दिन बीतने के बावजूद मृतक के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।

मामले को लेकर परिजनों और प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बनी हुई है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। लघु सचिवालय में लगातार प्रदर्शन होने से प्रशासन पर भी मामले का समाधान निकालने का दबाव बढ़ रहा है।

चौथे दिन भी जारी रहा धरना

जीवन कुंडू हत्याकांड के बाद से ही मामले को लेकर लोगों में रोष है। इसी को लेकर लघु सचिवालय में धरना शुरू किया गया था। सोमवार को धरने का चौथा दिन रहा।

प्रदर्शनकारियों की ओर से मामले में न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है। धरने के दौरान परिजनों और समर्थकों ने प्रशासन से उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।

छह दिन से अंतिम संस्कार नहीं

हत्याकांड के छह दिन बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। परिजन और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अंतिम संस्कार नहीं होने के कारण मामला और संवेदनशील बना हुआ है।

परिजनों का कहना है कि वे चाहते हैं कि प्रशासन उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई करे। इसके बाद ही अंतिम संस्कार को लेकर फैसला लिया जाएगा।

प्रशासन के सामने चुनौती

लघु सचिवालय में लगातार धरना जारी रहने के कारण प्रशासन के सामने भी स्थिति को संभालने की चुनौती बनी हुई है। मामले में प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल धरना चौथे दिन भी जारी है और जीवन कुंडू के अंतिम संस्कार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ होने वाली बातचीत पर है।