हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल टली: अनिल विज से बातचीत के बाद बनी सहमति, 10 अक्टूबर तक टाला आंदोलन; अब नहीं होगी बत्ती गुल
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने अनिल विज से बैठक के बाद तीन दिवसीय हड़ताल 10 अक्टूबर तक टाल दी। निजीकरण पर सरकार का विरोध और स्मार्ट मीटर पर राहत मिली।
➤ 10 अगस्त से शुरू होने वाली तीन दिवसीय बिजली हड़ताल 10 अक्टूबर तक टली
➤ अनिल विज ने बिजली निजीकरण का विरोध करने की सरकार की स्थिति साफ की
➤ स्मार्ट मीटर लगवाना उपभोक्ताओं की मर्जी पर निर्भर होगा, कर्मचारियों को मिला दो महीने का समय
चंडीगढ़। हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं और आम जनता के लिए सोमवार को बड़ी राहत की खबर सामने आई। सोमवार रात से शुरू होने वाली बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल फिलहाल टल गई है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ हुई बैठक के बाद बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल को 10 अक्टूबर तक टालने का फैसला लिया है। कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार को उनकी मांगों पर कार्रवाई करने के लिए दो महीने का समय दिया है। ऐसे में फिलहाल प्रदेश में बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के कारण पैदा होने वाला संकट टल गया है।
बिजली कर्मचारियों और सरकार के बीच यह बातचीत ऐसे समय हुई, जब कर्मचारियों ने निजीकरण, स्मार्ट मीटरिंग और बिजली व्यवस्था से जुड़े दूसरे मुद्दों को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था। सोमवार रात से प्रस्तावित इस हड़ताल के कारण प्रदेश में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। अब बैठक के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के बजाय सरकार को मांगों पर काम करने के लिए समय देने का फैसला किया है।
अनिल विज के साथ बैठक के बाद बदला फैसला
बिजली कर्मचारियों की ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद कर्मचारियों ने अपनी तीन दिवसीय हड़ताल को 10 अक्टूबर तक टालने का फैसला लिया।
कर्मचारियों की ओर से सरकार को उनकी मांगों को पूरा करने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। इससे पहले कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने की तैयारी कर ली थी।
बैठक के बाद बनी सहमति से फिलहाल बिजली आपूर्ति को लेकर आम जनता की चिंता दूर हुई है। सोमवार रात से प्रस्तावित हड़ताल अब नहीं होगी।
बिजली निजीकरण पर सरकार का रुख स्पष्ट: अनिल विज
बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिजली कर्मचारियों के साथ बातचीत बहुत ही सौहार्दपूर्ण और अच्छे माहौल में हुई।
उन्होंने बिजली निजीकरण के मुद्दे पर सरकार का रुख भी स्पष्ट किया। विज ने कहा कि हरियाणा सरकार बिजली के निजीकरण के पक्ष में नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार ने खुद एचईआरसी (HERC) के सामने बिजली निजीकरण का विरोध दर्ज कराया है।
इस बयान के बाद कर्मचारियों के प्रमुख मुद्दों में शामिल निजीकरण को लेकर सरकार की स्थिति साफ हुई है।
स्मार्ट मीटर पर भी मिली बड़ी राहत
बैठक के बाद स्मार्ट मीटर को लेकर भी अहम बात सामने आई है। अब स्मार्ट मीटर लगवाना उपभोक्ताओं की मर्जी पर निर्भर करेगा। यानी उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगवाने को लेकर दबाव नहीं होगा।
स्मार्ट मीटरिंग बिजली कर्मचारियों के आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही है। ऐसे में इस मुद्दे पर सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद हड़ताल टालने का रास्ता साफ हुआ।
दो महीने में मांगों पर कार्रवाई का इंतजार
बिजली कर्मचारियों ने सरकार को उनकी मांगों पर काम करने के लिए 10 अक्टूबर तक का समय दिया है। अब अगले दो महीने सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।
कर्मचारियों की ओर से फिलहाल हड़ताल टाल दी गई है। इसका सीधा असर यह होगा कि सोमवार रात से प्रस्तावित तीन दिवसीय आंदोलन के कारण बिजली व्यवस्था पर पड़ने वाला संभावित दबाव फिलहाल टल गया है।
आम उपभोक्ताओं के लिए भी यह राहत की बात है, क्योंकि हड़ताल के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई थी। बैठक के बाद कर्मचारियों के फैसले से फिलहाल बत्ती गुल होने का संकट टल गया है।
Akhil Mahajan