रंगीन शिमला मिर्च की खेती से कमाएं लाखों, जानिए पूरा तरीका
रंगीन शिमला मिर्च की खेती किसानों के लिए मुनाफे का बड़ा जरिया बन रही है। सही तकनीक से एक हेक्टेयर में 8 से 12 लाख तक कमाई संभव है।
➤ रंगीन शिमला मिर्च की खेती से लाखों की कमाई का मौका
➤ पॉलीहाउस और सही तकनीक से बढ़ती है पैदावार
➤ बाजार में 60 से 150 रुपये किलो तक मिल रहा भाव
खेती-किसानी के बदलते दौर में अब किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ हाई वैल्यू क्रॉप्स की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में लाल और पीली शिमला मिर्च की खेती किसानों के लिए मुनाफे का नया रास्ता बनकर उभरी है। बड़े शहरों के होटल, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड इंडस्ट्री में इसकी भारी मांग के चलते किसान इससे अच्छा खासा लाभ कमा रहे हैं।
रंगीन शिमला मिर्च न केवल देखने में आकर्षक होती है, बल्कि इसमें मौजूद विटामिन A, C और खनिज तत्व इसे स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद बनाते हैं। फिटनेस को लेकर जागरूक लोग इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि पारंपरिक हरी शिमला मिर्च की तुलना में इसके दाम भी ज्यादा मिलते हैं।
इस फसल की खेती के लिए 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसके लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी बेहतर रहती है, जिसमें पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। खेत में पानी रुकने से फसल खराब होने का खतरा रहता है। मिट्टी का pH मान 6.0 से 7.0 के बीच होना चाहिए, जिससे पौधों को सही पोषण मिल सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा ठंड या बारिश से बचाने के लिए इसे पॉलीहाउस में उगाना ज्यादा सुरक्षित होता है। खेत की तैयारी के दौरान सही जल निकासी और अनुकूल वातावरण तैयार करना फसल की सफलता का अहम हिस्सा है।
अच्छी पैदावार के लिए सही बीजों का चयन भी जरूरी है। बाजार में कैलिफोर्निया वंडर (लाल) और येलो वंडर (पीला) जैसी किस्में काफी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा अरका गौरव और अरका बसंत जैसी किस्में भी बेहतर उत्पादन देती हैं। एक हेक्टेयर में करीब 250 से 300 ग्राम बीज पर्याप्त होते हैं। बीजों को सीधे खेत में डालने के बजाय पहले नर्सरी में पौधे तैयार करना अधिक लाभदायक रहता है।
जब पौधे करीब एक महीने के हो जाएं, तब उन्हें 45×45 सेंटीमीटर की दूरी पर खेत में रोपित करना चाहिए। इससे पौधों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और उत्पादन बेहतर होता है। बीजों को बोने से पहले उनका उपचार करना भी जरूरी होता है, ताकि शुरुआती बीमारियों से बचाव हो सके।
अगर सही तरीके से देखभाल की जाए तो 60 से 70 दिनों में तुड़ाई शुरू हो जाती है। एक हेक्टेयर में करीब 250 क्विंटल तक उत्पादन संभव है। बाजार में रंगीन शिमला मिर्च के दाम 60 से 150 रुपये प्रति किलो तक मिलते हैं। ऐसे में किसान खर्च निकालकर एक हेक्टेयर से आसानी से 8 से 12 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं।
Akhil Mahajan