भूस्खलन से ढहा निर्माणाधीन सिंयुर पुल बड़ा हादसा टला, पुल गिरने से पहले खाली था स्थल

हिमाचल के चंबा में भूस्खलन के कारण निर्माणाधीन सिंयुर पुल ढह गया, जिससे भरमौर-होली मार्ग बाधित हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।

भूस्खलन से ढहा निर्माणाधीन सिंयुर पुल बड़ा हादसा टला, पुल गिरने से पहले खाली था स्थल

चंबा में निर्माणाधीन सिंयुर पुल भूस्खलन से ध्वस्त
भरमौर-होली मार्ग बाधित, लोगों को 26 किमी अतिरिक्त सफर
गनीमत रही, हादसे के समय कोई मौजूद नहीं था


हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब रावी नदी तट पर बन रहा निर्माणाधीन सिंयुर पुल भूस्खलन की चपेट में आकर अचानक ध्वस्त हो गया। सुबह करीब 8 बजे पहाड़ी दरकने के साथ भारी मलबा नीचे गिरा और देखते ही देखते पुल का पूरा ढांचा भरभराकर नदी में समा गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई मजदूर या आम व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई।

इस घटना के बाद भरमौर-होली मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। सिंयुर को जोड़ने वाला यह पुल स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। इसके ध्वस्त होने से अब लोगों को भरमौर पहुंचने के लिए करीब 26 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जबकि पहले यह दूरी लगभग 18 से 20 किलोमीटर ही थी।

लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, सिंयुर में लकड़ी के पुराने पुल के साथ पिछले दो वर्षों से लोहे का नया पुल बनाया जा रहा था, जिस पर लगभग 6 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत आनी थी। पुल का निर्माण अंतिम चरण में था और शटरिंग के बाद स्लैब डालने का काम बाकी रह गया था, लेकिन भूस्खलन ने पूरे प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा दिया।

भूस्खलन के दौरान भारी मात्रा में मलबा निर्माण स्थल पर गिरा, जिससे पुल का ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका अधिकांश सामान रावी नदी में बह गया। मौके पर तेज गर्जना के साथ यह घटना हुई, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। संबंधित विभाग को जांच के निर्देश दिए गए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज शर्मा ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि भूस्खलन के कारण पुल को भारी नुकसान हुआ है।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में जल्द वैकल्पिक मार्ग या व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, ताकि लोगों को आने-जाने में राहत मिल सके। फिलहाल पुल के ध्वस्त होने से स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।