पहली बार भव्य बैसाखी महोत्सव, सीएम उड़ाएंगे 6 फीट की पतंग, ड्रोन शो से चमकेगा महोत्सव
कुरुक्षेत्र में पहली बार राज्य स्तरीय बैसाखी महोत्सव का आयोजन होगा। सीएम नायब सिंह सैनी उद्घाटन करेंगे, ड्रोन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे।
➤ कुरुक्षेत्र में पहली बार राज्य स्तरीय बैसाखी महोत्सव का आयोजन
➤ ड्रोन शो और 6 फीट की खास पतंग से बनेगी नई पहचान
➤ सीएम नायब सिंह सैनी करेंगे शुभारंभ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भरमार
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में इस बार बैसाखी का त्योहार खास अंदाज में मनाया जाएगा। पहली बार राज्य स्तर पर आयोजित होने वाला बैसाखी महोत्सव अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है। इस दो दिवसीय महोत्सव में ड्रोन शो, रंग-बिरंगी पतंगें और सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे।
केडीबी मेला ग्राउंड में आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री परंपरागत संस्कृति का निर्वहन करते हुए पतंग भी उड़ाएंगे। उनके लिए विशेष रूप से 6 फीट की रंग-बिरंगी पतंग तैयार की गई है, जो इस आयोजन को और खास बनाएगी।
यह महोत्सव हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए डीसी विश्राम कुमार मीणा ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।
महोत्सव में हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिए विशेष मंच सजाया गया है। यहां सिख सांस्कृतिक धरोहर की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसे मुख्यमंत्री भी देखेंगे। साथ ही पतंगबाजी के लिए विशेष स्टॉल तैयार किए गए हैं, जहां से आम लोग भी इस पारंपरिक खेल का आनंद ले सकेंगे।
इस दो दिवसीय आयोजन में कई रोचक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इनमें कुश्ती दंगल, सर्कल कबड्डी, हरियाणवी पगड़ी, दस्तारबंदी और गतका जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं के लिए कुल 38 लाख रुपये से अधिक की इनामी राशि निर्धारित की गई है। दंगल में प्रदेशभर से महिला और पुरुष पहलवान भाग लेंगे और करीब 200 मुकाबले खेले जाएंगे।
महोत्सव की शामें भी खास होने वाली हैं। पहले दिन शाम 7 बजे प्रसिद्ध कलाकार लखविन्द्र वडाली अपनी प्रस्तुति देंगे, जबकि अगले दिन कुलविन्द्र बिल्ला मंच पर रंग जमाएंगे। समापन समारोह में मुख्यमंत्री फिर से शामिल होंगे।
इस बार महोत्सव में एक अनोखी पहल भी देखने को मिलेगी। प्रदर्शनी में आम लोगों को गेहूं निकालने की पारंपरिक प्रक्रिया को लाइव दिखाया जाएगा। विशेषज्ञ इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। इसके अलावा लस्सी प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रतिभागी अलग-अलग अंदाज में लस्सी बनाकर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बनेगा, बल्कि हरियाणा की संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
Akhil Mahajan