CJI सूर्यकांत ने चंडीगढ़ कोर्ट की मल्टीलेवल पार्किंग का किया उद्घाटन, प्रशासक कटारिया बोले- हेरिटेज हमारे लिए आफत
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने चंडीगढ़ जिला अदालत परिसर में 40 करोड़ रुपये की लागत से बनी मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने हेरिटेज नियमों को बड़ी चुनौती बताया।
■ CJI सूर्यकांत ने सेक्टर-43 कोर्ट परिसर में नई पार्किंग का उद्घाटन किया
■ 40 करोड़ की लागत से बनी पार्किंग में 1500 वाहन खड़े हो सकेंगे
■ प्रशासक कटारिया बोले- हेरिटेज नियमों से छोटे काम के लिए भी लंबी प्रक्रिया करनी पड़ती है
चंडीगढ़। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत शनिवार को चंडीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से तैयार मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया। इस पार्किंग के शुरू होने से कोर्ट आने वाले वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों को लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
उद्घाटन समारोह के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और चंडीगढ़ के प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी मौजूद रहे।
एक्टिंग चीफ जस्टिस बोले- पूरा श्रेय CJI सूर्यकांत को
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा ने कहा कि इस मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना का पूरा श्रेय न्यायमूर्ति सूर्यकांत को जाता है। उन्होंने बताया कि जब सूर्यकांत हाईकोर्ट की बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन थे, तब उन्होंने इस परियोजना की परिकल्पना की थी और इसे प्राथमिकता दी थी।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
प्रशासक कटारिया ने हेरिटेज नियमों को बताया बड़ी चुनौती
कार्यक्रम में बोलते हुए चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिसार के एक छोटे से गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च न्यायिक पद तक पहुंचना गर्व की बात है।
इस दौरान उन्होंने चंडीगढ़ के हेरिटेज नियमों को लेकर भी चिंता जताई। कटारिया ने कहा कि शहर का हेरिटेज दर्जा कई बार विकास कार्यों में बड़ी बाधा बन जाता है।
उन्होंने कहा,
"स्थिति यह है कि कोर्ट परिसर में एक छोटा सा बरामदा भी बनाना हो तो ऊपर से नीचे तक कई स्तरों की मंजूरी लेनी पड़ती है।"
पार्किंग के बेहतर संचालन पर भी दिया जोर
कटारिया ने कहा कि पार्किंग बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसका सही उपयोग भी सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि जजों, वकीलों और आम लोगों के लिए पार्किंग व्यवस्था अलग-अलग तय होनी चाहिए, ताकि अव्यवस्था न फैले।
उन्होंने कहा कि केवल अधिकृत पार्किंग कर्मचारी ही वाहनों को पार्क करें और वापस दें, तभी यह व्यवस्था सफल मानी जाएगी।
रोजाना हजारों लोगों को मिलेगी राहत
सेक्टर-43 जिला अदालत में रोजाना हजारों लोग अपने मामलों की सुनवाई के लिए पहुंचते हैं। पार्किंग की कमी के कारण लोगों को सड़क किनारे वाहन खड़े करने पड़ते थे, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होती थी।
करीब साढ़े चार एकड़ भूमि में बनी यह पार्किंग बेसमेंट सहित चार मंजिला है और इसमें एक समय में लगभग 1,500 वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा।
2022 में अमित शाह ने रखा था शिलान्यास
इस परियोजना का शिलान्यास 30 जुलाई 2022 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया था। करीब चार वर्ष बाद अब यह परियोजना पूरी तरह तैयार होकर लोगों के उपयोग के लिए खोल दी गई है।
यह सीजेआई बनने के बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत का चंडीगढ़ का दूसरा बड़ा दौरा है। इससे पहले उन्होंने मार्च 2026 में चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (CIAC) और इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूट्स वीक का उद्घाटन किया था।
pooja