हरियाणा में मानसून के बीच बिजली संकट गहराया, रिकॉर्ड डिमांड से बढ़े कट; हिसार-भिवानी में लोगों ने किया प्रदर्शन

हरियाणा में कमजोर मानसून और बढ़ती उमस के बीच बिजली की मांग 14,429 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। हिसार, भिवानी समेत कई जिलों में बिजली कटों के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया है।

हरियाणा में मानसून के बीच बिजली संकट गहराया, रिकॉर्ड डिमांड से बढ़े कट; हिसार-भिवानी में लोगों ने किया प्रदर्शन

हरियाणा में बिजली की मांग 14,429 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
लगातार बिजली कटों से हिसार, भिवानी समेत कई जिलों में लोगों का प्रदर्शन
20 जुलाई से मानसून के फिर सक्रिय होने की उम्मीद, तब मिल सकती है राहत

हरियाणा में कमजोर पड़े मानसून ने एक तरफ जहां लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश गंभीर बिजली संकट से भी जूझ रहा है। लगातार बढ़ रही गर्मी और उमस के कारण प्रदेश में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। विद्युत PRAVAH पोर्टल के अनुसार 17 जुलाई को हरियाणा में बिजली की अधिकतम मांग 14,429 मेगावाट तक पहुंच गई, जो मानसून सीजन के दौरान अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल करीब 13,691 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर के कारण पिछले चार दिनों से कई जिलों में लंबे-लंबे बिजली कट लगाए जा रहे हैं। इससे लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है।

हिसार और भिवानी में लोगों का फूटा गुस्सा

हिसार के गंगवा गांव में बार-बार बिजली कट लगने से नाराज ग्रामीण देर रात सब स्टेशन पहुंच गए और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि दिन और रात में कई-कई घंटे बिजली नहीं आ रही, जिससे घरों में रहना मुश्किल हो गया है।

वहीं भिवानी के सिरसा घोघड़ा गांव में बिजली और पानी की समस्या से परेशान लोगों ने देर रात सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग की।

इसके अलावा फतेहाबाद, नारनौल और रोहतक में भी बिजली संकट को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। रोहतक में तो एक दिन पहले लोगों ने आधी रात को मकड़ौली टोल प्लाजा को कुछ समय के लिए फ्री करवा दिया था।

सरकार ने बाहर से खरीदी अतिरिक्त बिजली

बढ़ती मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार को बाहरी स्रोतों का सहारा लेना पड़ा है। प्रदेश ने पावर एक्सचेंज से करीब 1,479 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीदी है, ताकि ब्लैकआउट जैसी स्थिति से बचा जा सके।

हालांकि, बढ़ती गर्मी और उमस के कारण बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थिति अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ पाई है।

16 जिलों में गर्मी और उमस का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को प्रदेश के 16 जिलों में हीट और ह्यूमिडिटी का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और फरीदाबाद समेत कई जिले शामिल हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश का सबसे गर्म जिला रोहतक रहा, जहां तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

20 जुलाई से मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में पिछले पांच दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि 20 जुलाई से मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना है। 20 और 21 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने के आसार हैं, जबकि उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।

बारिश में देरी से धान की खेती पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने किसानों को फिलहाल बाजरा और ग्वार की बुवाई रोकने की सलाह दी है।