हरियाणा में बिजली की खपत ने तोड़े रिकार्ड, तैयार रहें-बिजली कट से बढ़ने वाली है दिक्कत
हरियाणा में मानसून के दौरान बिजली की मांग 14,429 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। बढ़ती मांग के बीच बिजली कट जारी हैं, जबकि 20 जुलाई से बारिश की संभावना जताई गई है।
➤ मानसूनी सीजन में पहली बार हरियाणा की बिजली मांग 14,429 मेगावाट तक पहुंची
➤ बढ़ती डिमांड के बीच प्रदेशभर में लग रहे बिजली कट, सरकार ने पावर एक्सचेंज से खरीदी अतिरिक्त बिजली
➤ 20 जुलाई से मानसून फिर होगा सक्रिय, कई जिलों में बारिश और भारी वर्षा के आसार
हरियाणा में मानसूनी मौसम के बावजूद बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 17 जुलाई को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 14,429 मेगावाट दर्ज की गई, जो मानसून सीजन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। PRAVAH पोर्टल के अनुसार, इससे एक दिन पहले यानी 16 जुलाई को मांग 14,255 मेगावाट थी। महज 24 घंटे में 174 मेगावाट की बढ़ोतरी ने बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है।
बढ़ती मांग के मुकाबले हरियाणा को फिलहाल 13,691 मेगावाट बिजली की ही आपूर्ति मिल रही है। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर होने के कारण प्रदेश के कई जिलों में पिछले तीन-चार दिनों से बिजली कटौती बढ़ गई है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को बार-बार बिजली जाने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली संकट को कम करने के लिए राज्य सरकार ने पावर एक्सचेंज से करीब 1,479 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीदी है। इसके बावजूद बढ़ती मांग के कारण बिजली निगम पर दबाव बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 18 और 19 जुलाई तक मौसम अधिकांश स्थानों पर शुष्क रहेगा। हालांकि 20 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। 20 और 21 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने के आसार हैं। उत्तरी हरियाणा के कुछ जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
16 जिलों में उमस और गर्मी का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत समेत 16 जिलों में उमस भरी गर्मी का येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले पांच दिनों से बारिश नहीं होने के कारण गर्मी और उमस दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
किसानों को जारी की गई विशेष एडवाइजरी
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे धान की रोपाई जारी रखें, लेकिन फिलहाल बाजरा और ग्वार की बुवाई रोक दें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, वहां कपास की फसल में जलभराव न होने दें। साथ ही पशुपालकों को पशुशालाओं और पोल्ट्री शेड में साफ-सफाई और पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखने की सलाह दी गई है।
रोहतक सबसे गर्म, रात में भी बढ़ी उमस
पिछले 24 घंटों में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। रोहतक सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं औसत न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जिससे रात में भी लोगों को उमस का सामना करना पड़ा।
Akhil Mahajan