देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन आज नहीं चली, कल से नए शेड्यूल पर दौड़ेगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन रविवार से नए शेड्यूल के अनुसार चलेगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी और हर शुक्रवार मेंटेनेंस के लिए बंद रहेगी।
■ देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन रविवार से नए शेड्यूल पर चलेगी
■ जींद से सुबह 7:40 बजे और सोनीपत से 10:40 बजे होगी रवाना
■ मेंटेनेंस के लिए हर शुक्रवार ट्रेन का संचालन बंद रहेगा
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के अगले ही दिन शनिवार को ट्रेन का संचालन नहीं किया गया। अब रेलवे मुख्यालय की ओर से जारी नए शेड्यूल के अनुसार यह ट्रेन रविवार (19 जुलाई) से नियमित रूप से पटरी पर लौटेगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी, जबकि हर शुक्रवार को इसके रखरखाव और तकनीकी जांच के लिए संचालन बंद रखा जाएगा।
यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच करीब 89.1 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और देश में हरित एवं स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रविवार से ऐसा रहेगा ट्रेन का नया टाइम टेबल
रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन नंबर 74010 (जींद- सोनीपत) सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और करीब 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी।
वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 74009 (सोनीपत- जींद) सुबह 10:40 बजे सोनीपत से चलेगी और दोपहर 12:40 बजे जींद पहुंचेगी।
यात्रा के दौरान ट्रेन दोनों दिशाओं में जींद सिटी, गोहाना, मोहाना समेत कुल 12 मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकेगी।
हरियाणा की कंपनी ने भी निभाई बड़ी भूमिका
इस अत्याधुनिक ट्रेन के निर्माण में जिंदल स्टेनलेस की भी अहम भूमिका रही है। ट्रेन में इस्तेमाल कुल स्टेनलेस स्टील का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा कंपनी ने उपलब्ध कराया है।
हरियाणा के हिसार और ओडिशा के जाजपुर स्थित प्लांट से विशेष प्रीमियम स्टेनलेस स्टील भेजा गया, जिसकी वजह से ट्रेन अधिक मजबूत और हल्की बनी है।
स्टील की प्रमुख खूबियां:
- जंग, पानी और रसायनों का कम असर
- कम वजन से ऊर्जा की बचत
- बार-बार पेंट और मरम्मत की जरूरत नहीं
हाइड्रोजन लीक होते ही तुरंत बजेगा अलार्म
ट्रेन में सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ट्रेन टेक्नीशियन भूषण शर्मा के अनुसार इसमें कुल 15 हाइड्रोजन लीकेज सेंसर लगाए गए हैं, जो बेहद मामूली गैस रिसाव होने पर भी तुरंत अलार्म जारी कर देंगे।
इसके अलावा:
- 7 हीट डिटेक्टर
- 3 फ्लेम डिटेक्टर
- एडवांस फायर मॉनिटरिंग सिस्टम
भी लगाए गए हैं, जो कुछ मिली सेकंड में खतरे की पहचान कर सकते हैं।
बैटरी से भी 60 किलोमीटर तक चल सकेगी ट्रेन
ट्रेन के दोनों इंजनों में कुल 420 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जाएगी, जिससे यह लगभग 420 किलोमीटर तक चल सकती है।
यदि किसी कारण से हाइड्रोजन सिस्टम में तकनीकी खराबी आती है तो ट्रेन करीब 60 किलोमीटर तक बैटरी के सहारे भी चल सकती है।
इसके अलावा ट्रेन में वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह आधुनिक पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे यात्री सीधे चालक दल से संपर्क कर सकेंगे।
उद्घाटन यात्रा में लोगों ने किया भव्य स्वागत
शुक्रवार को उद्घाटन यात्रा के दौरान गोहाना, सोनीपत और अन्य स्टेशनों पर लोगों ने ट्रेन का भव्य स्वागत किया। कई जगहों पर फूल बरसाए गए, शंखनाद हुआ और बड़ी संख्या में लोग देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को देखने रेलवे स्टेशनों पर पहुंचे।
हालांकि उद्घाटन के अगले दिन ट्रेन नहीं चलने से कई यात्रियों में उत्सुकता बनी रही, लेकिन अब रविवार से इसका नियमित संचालन शुरू हो जाएगा।
pooja