बिहार-असम में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस होंगे वापस, CJP का बड़ा दावा

सरकार और CJP की देर रात बैठक के बाद सौरभ दास ने दावा किया कि बिहार और असम में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू होगी।

बिहार-असम में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस होंगे वापस, CJP का बड़ा दावा

बिहार और असम में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने का दावा, CJP ने दी जानकारी

सरकार के साथ देर रात 2–3 घंटे चली बैठक के बाद सौरभ दास का बड़ा बयान

अन्य BJP/NDA शासित राज्यों में भी प्रदर्शनकारियों को कानूनी राहत देने का भरोसा मिलने का दावा


कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि सरकार के साथ हुई देर रात बैठक के बाद बिहार और असम में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों ने दोनों राज्यों की अधिसूचनाओं की प्रतियां साझा की हैं, जिनमें एफआईआर वापस लेने, भविष्य में कार्रवाई नहीं करने और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने का आश्वासन शामिल है।

सौरभ दास के अनुसार, सरकार के प्रतिनिधियों के साथ यह बैठक करीब 2 से 3 घंटे चली। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त करने पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी का कहना है कि सरकार ने केंद्र और अन्य BJP/NDA शासित राज्यों से भी इसी तरह की अधिसूचनाएं जारी कराने का भरोसा दिया है।

CJP ने यह भी दावा किया कि राजस्थान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी और वहां भी किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। पार्टी का कहना है कि वह अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए प्रयास जारी रखेगी।

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब CJP ने इससे पहले आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के साथ हुए समझौते का पालन नहीं किया जा रहा है। पार्टी ने चेतावनी दी थी कि यदि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए और कार्रवाई जारी रही, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। इसके कुछ घंटों बाद सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई और यह नया दावा सामने आया।

ध्यान देने वाली बात यह है कि फिलहाल ये दावे CJP की ओर से किए गए हैं। विभिन्न समाचार रिपोर्टों के अनुसार, बिहार और असम सरकारों ने प्रदर्शनकारियों को राहत देने संबंधी अधिसूचनाएं जारी करने की जानकारी दी है, जबकि अन्य राज्यों को लेकर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।