हरियाणा समेत देश में कमर्शियल गैस संकट: होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर, सरकार ने लागू किया एसेंशियल कमोडिटी एक्ट

हरियाणा सहित देश के कई राज्यों में 19 किलो कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हो गई है। सरकार ने एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू कर घरेलू गैस को प्राथमिकता दी है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।

हरियाणा समेत देश में कमर्शियल गैस संकट: होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर, सरकार ने लागू किया एसेंशियल कमोडिटी एक्ट

➤ कई राज्यों में 19 किलो कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित
➤ अंतरराष्ट्रीय तनाव से गैस आयात पर पड़ा असर
➤ सरकार ने घरेलू गैस को दी प्राथमिकता


देश के कई राज्यों सहित हरियाणा में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। खासकर 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने संचालन का संकट खड़ा हो गया है। गुरुग्राम समेत कई शहरों में व्यापारियों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके कारण कई जगह कारोबार ठप होने की स्थिति बन रही है।

बताया जा रहा है कि तेल कंपनियों ने अपने ग्राहकों को सूचित किया है कि वैश्विक परिस्थितियों के चलते गैस की सप्लाई बाधित हो रही है। इसी वजह से कई शहरों में कॉमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता सीमित कर दी गई है।

गुरुग्राम समेत हरियाणा में सबसे ज्यादा असर

हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और अन्य बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को सिलेंडर मिलने में भारी दिक्कत आ रही है। कई ढाबा संचालकों का कहना है कि अगर जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो उन्हें कारोबार बंद करना पड़ सकता है।

साइबर सिटी गुरुग्राम में कई रेस्टोरेंट मालिकों ने कहा कि गैस के बिना किचन चलाना मुश्किल हो गया है और वैकल्पिक ईंधन भी तुरंत उपलब्ध नहीं हो पा रहा।

सप्लाई संकट की बड़ी वजह

इस संकट के पीछे सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव बताया जा रहा है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो गई है।

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आयात करता है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए वहां अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है।

सरकार ने लागू किया एसेंशियल कमोडिटी एक्ट

गैस की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे देश में एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 लागू कर दिया है। इसके तहत सरकार को जरूरी वस्तुओं की सप्लाई और कीमतों को नियंत्रित करने का अधिकार मिलता है।

सरकार ने गैस सप्लाई को चार श्रेणियों में बांट दिया है—

  • पहली कैटेगरी: घरेलू रसोई गैस (PNG) और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली CNG को पूरी सप्लाई

  • दूसरी कैटेगरी: खाद कारखानों को लगभग 70% गैस

  • तीसरी कैटेगरी: बड़े उद्योगों को करीब 80% गैस

  • चौथी कैटेगरी: छोटे उद्योग, होटल और रेस्टोरेंट को उनकी पुरानी खपत के आधार पर लगभग 80% गैस

घरेलू सिलेंडर की बुकिंग पर नया नियम

सरकार ने घरेलू गैस की जमाखोरी रोकने के लिए नया नियम भी लागू किया है। अब एक सिलेंडर डिलीवरी के बाद 25 दिन के अंतराल के बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा

इसके अलावा गैस डिलीवरी के समय OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है।

कई राज्यों में दिख रहा असर

हरियाणा के अलावा दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस की सप्लाई प्रभावित बताई जा रही है।

कुछ शहरों में तो गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगने लगी हैं और रेस्टोरेंट संगठनों ने हड़ताल की चेतावनी भी दी है।

कीमतों में भी बढ़ोतरी

सरकार ने हाल ही में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़ा दिए हैं। दिल्ली में अब 14.2 किलो वाला सिलेंडर करीब 913 रुपए का मिल रहा है। वहीं 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब 115 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है।

कब सुधर सकते हैं हालात

पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्थिति की समीक्षा के लिए हाई-लेवल कमेटी बनाई है। साथ ही सरकार अमेरिका समेत अन्य देशों से वैकल्पिक गैस कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होते हैं तो आने वाले दिनों में सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।