क्रोएशिया में नौकरी का सपना दिखाकर भाई-बहन से 8 लाख रुपये की ठगी

यमुनानगर में क्रोएशिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर भाई-बहन से 8 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी एजेंट के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की।

क्रोएशिया में नौकरी का सपना दिखाकर भाई-बहन से 8 लाख रुपये की ठगी
  • क्रोएशिया में नौकरी का सपना दिखाकर भाई-बहन से 8 लाख रुपये की ठगी
  • दिल्ली के एजेंट ने फर्जी ऑफर लेटर और वीजा प्रक्रिया का झांसा दिया
  • पैसे लेने के बाद आरोपी फरार, पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की

यमुनानगर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। रायपुर कॉलोनी निवासी भाई-बहन को क्रोएशिया में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर दिल्ली के एक कथित इमिग्रेशन एजेंट ने करीब 8 लाख रुपये हड़प लिए। लंबे समय तक वीजा और नौकरी का इंतजार करने के बाद जब उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित पीयूष शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह अपनी बहन श्रुति शर्मा के साथ विदेश जाकर बेहतर रोजगार की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात दिल्ली के तिलक नगर क्षेत्र के मुखराम पार्क एक्सटेंशन निवासी पुरुषोत्तम उर्फ पंकज शर्मा से हुई। आरोपी ने खुद को अनुभवी और अधिकृत इमिग्रेशन एजेंट बताते हुए भरोसा दिलाया कि वह पहले भी कई युवाओं को क्रोएशिया भेज चुका है।

आरोपी ने दावा किया कि क्रोएशिया में नौकरी करने वाले युवाओं की मासिक आय करीब दो लाख रुपये तक है। उसकी बातों पर भरोसा कर भाई-बहन विदेश जाने की प्रक्रिया के लिए तैयार हो गए। आरोपी उनके घर भी पहुंचा और उन्हें भरोसा दिलाया कि वीजा और नौकरी की पूरी व्यवस्था कर दी जाएगी।

पीड़ितों के अनुसार जून 2025 में उन्होंने अपने पासपोर्ट की प्रतियां आरोपी को भेज दीं। कुछ समय बाद आरोपी ने क्रोएशिया की नौकरी से जुड़े कथित ऑफर लेटर भी उपलब्ध करा दिए। इन दस्तावेजों को देखकर परिवार को लगा कि वीजा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

हालांकि बाद में आरोपी ने अपनी शर्तें बदलनी शुरू कर दीं। उसने बांड भरने, दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अग्रिम राशि जमा कराने की मांग की। धीरे-धीरे अलग-अलग किश्तों में उसने करीब 8 लाख रुपये वसूल लिए।

जब काफी समय बीत जाने के बाद भी वीजा नहीं लगा और कोई ठोस जानकारी नहीं मिली तो पीड़ितों ने आरोपी से संपर्क करना शुरू किया। आरोप है कि आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और बाद में उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया।

शक होने पर परिवार आरोपी के बताए गए दिल्ली स्थित पते पर पहुंचा, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद दस्तावेजों की जांच कराई गई तो कथित ऑफर लेटर और अन्य कागजात फर्जी पाए गए।

मामले की शिकायत मिलने के बाद सदर यमुनानगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।