दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में यमुनानगर में रोष मार्च,PM मोदी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
दिल्ली के जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में यमुनानगर में किसानों और सामाजिक संगठनों ने रोष मार्च निकाला। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई और इस्तीफे की मांग की गई।
दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में यमुनानगर में किसानों और सामाजिक संगठनों का रोष मार्च
प्रदर्शन के दौरान शहर में लगा जाम, पुलिस ने वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू), सर्व समाज मोर्चा, मजदूर संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शहर में पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की।
सुबह करीब 10:30 बजे प्रदर्शनकारी कन्हैया साहिब चौक पर एकत्र हुए। इसके बाद करीब 11 बजे सभी लघु सचिवालय की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था।
जैसे ही प्रदर्शनकारी मुख्य सड़कों पर पहुंचे, शहर में जाम की स्थिति बन गई। यातायात प्रभावित होने पर पुलिस ने संबंधित मार्ग को बंद कर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की, जिससे वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
भाकियू (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष संजू ने कहा कि पिछले कई दिनों से देशभर के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही है।
वहीं भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पानी की बौछारें भी की गईं, जिससे कई छात्र और युवा घायल हुए।
सर्व समाज मोर्चा ने राष्ट्रपति से मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई, ताकि भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलनों के दौरान ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
pooja