सुप्रीम कोर्ट ने छौक्कर से पूछा- 36 करोड़ की संपत्ति, 90 करोड़ कहां से आएंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर के 90 करोड़ रुपए जमा करने के दावे पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने ED से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने छौक्कर से पूछा- 36 करोड़ की संपत्ति, 90 करोड़ कहां से आएंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर के 90 करोड़ जमा करने के दावे पर उठाए सवाल

कोर्ट ने पूछा- 36 करोड़ की संपत्ति वाले 90 करोड़ रुपए कहां से लाएंगे

ED को 13 जुलाई तक जवाब दाखिल करने के निर्देश, अगली सुनवाई 17 जुलाई को

हरियाणा के पूर्व कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छौक्कर की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उनके द्वारा घर खरीदारों को पैसा लौटाने के प्रस्ताव पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार धर्म सिंह छौक्कर और उनके बेटों की घोषित संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 36 करोड़ रुपए है। ऐसे में उनका यह दावा कि वे घर खरीदारों को भुगतान करने के लिए 90 करोड़ रुपए जमा करेंगे, कई सवाल पैदा करता है।

कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर पूछा कि जब घोषित संपत्तियों का मूल्य 36 करोड़ रुपए है तो 90 करोड़ रुपए की व्यवस्था आखिर किस स्रोत से की जाएगी। अदालत ने इस दावे की व्यवहारिकता पर भी सवाल उठाए।

कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

मामले की सुनवाई जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने की। कोर्ट ने कहा कि छौक्कर का प्रस्ताव इस शर्त पर आधारित है कि परियोजना से जुड़ी जब्त संपत्तियों को पहले मुक्त किया जाए।

अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कोई स्वतंत्र वित्तीय स्रोत से भुगतान की योजना नहीं लगती, बल्कि कथित अपराध की आय से ही परियोजना को पूरा करने का प्रयास प्रतीत होता है। कोर्ट ने इस पहलू पर ED से विस्तृत जवाब मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई 2026 तय की है, जबकि ED को 13 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला

धर्म सिंह छौक्कर और उनके परिवार से जुड़ी महिरा ग्रुप की कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने गुरुग्राम की किफायती आवास परियोजनाओं महिरा होम्स-68, महिरा होम्स-103 और महिरा होम्स-104 के नाम पर हजारों घर खरीदारों से धन जुटाया, लेकिन निर्धारित समय पर फ्लैट उपलब्ध नहीं कराए।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि खरीदारों से प्राप्त रकम का उपयोग निर्माण कार्यों के बजाय अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। ED के अनुसार इस पूरे मामले में करीब 616 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और इसी राशि से विभिन्न संपत्तियां खरीदी गईं।

जमानत के लिए दिया था प्रस्ताव

18 जून को दाखिल अपने हलफनामे में धर्म सिंह छौक्कर ने कहा था कि महिरा होम्स-68 और 103 परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा। इसके अलावा महिरा होम्स-104 के खरीदारों को भुगतान करने के लिए 90 करोड़ रुपए जमा करने की भी बात कही गई थी।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रस्ताव के वित्तीय आधार और धन के स्रोत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

हाईकोर्ट भी दे चुका झटका

इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट अप्रैल 2026 में धर्म सिंह छौक्कर की नियमित जमानत याचिका खारिज कर चुका है। हाईकोर्ट ने माना था कि मामले में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और जांच में पर्याप्त सामग्री सामने आई है।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि आरोपी के फरार होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता और मुकदमे में हुई देरी का पूरा दोष जांच एजेंसियों पर नहीं डाला जा सकता।