दुष्यंत चौटाला को हाई कोर्ट से बड़ी राहत : काफिला रोकने के मामले में केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस

दुष्यंत चौटाला को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने काफिला रोकने और धमकी मामले में हरियाणा सरकार, केंद्र और CBI को नोटिस जारी किया।

दुष्यंत चौटाला को हाई कोर्ट से बड़ी राहत : काफिला रोकने के मामले में केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस

दुष्यंत चौटाला को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत
कोर्ट ने केंद्र, हरियाणा सरकार और CBI को जारी किया नोटिस
काफिला रोकने और धमकी मामले में मांगी विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट


हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके काफिले को रोकने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में हरियाणा सरकार, केंद्र सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

वीरवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों से पूछा कि अब तक जांच की वास्तविक स्थिति क्या है और याचिकाकर्ता को जांच प्रक्रिया में शामिल क्यों नहीं किया गया। अदालत ने विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

दुष्यंत चौटाला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद घई ने अदालत में दलील दी कि उनका मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार है, लेकिन अब तक एसआईटी की ओर से कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। न तो पूछताछ के लिए बुलाया गया और न ही कोई औपचारिक सूचना दी गई।

वकील ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसियों का रवैया प्रक्रिया और पारदर्शिता दोनों पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जब तक दुष्यंत चौटाला को आधिकारिक रूप से जांच में शामिल होने का अवसर ही नहीं दिया गया, तब तक उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिकूल धारणा बनाना उचित नहीं होगा।

हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद हरियाणा सरकार, भारत सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए जांच की वर्तमान स्थिति, एसआईटी की कार्रवाई, नोटिस जारी करने अथवा न करने के कारण और आगे की प्रक्रिया का पूरा ब्यौरा रिकॉर्ड पर रखने के आदेश दिए।

यह मामला 17 अप्रैल 2026 की उस घटना से जुड़ा है, जब हिसार में दुष्यंत चौटाला के काफिले को कथित तौर पर एक सफेद बोलेरो वाहन ने रोक लिया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिस अधिकारियों, जिनमें इंस्पेक्टर पवन कुमार का नाम प्रमुख रूप से शामिल है, ने हथियार लहराते हुए उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मियों को धमकाया।

दुष्यंत चौटाला ने अदालत में यह भी कहा कि वह वाई-प्लस सुरक्षा श्रेणी के तहत आते हैं और इसके बावजूद इस तरह की घटना बेहद गंभीर है। उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स ने भी अलग-अलग शिकायतें देकर जान से मारने की धमकी मिलने की पुष्टि की है।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद निष्पक्ष कार्रवाई करने की बजाय हरियाणा पुलिस ने उनके समर्थकों और परिजनों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाने की कोशिश की। दुष्यंत चौटाला ने कोर्ट से मामले की जांच हरियाणा पुलिस से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे सीबीआई या पंजाब/चंडीगढ़ पुलिस को सौंपने की मांग की है।