हरियाणा में 2 IAS अफसर सस्पेंड, कारण नहीं बताया बैंक घोटाले से जुड़ी कार्रवाई

हरियाणा सरकार ने दो IAS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। आदेश में कारण नहीं बताए गए, लेकिन इसे बैंक घोटाले और संभावित CBI जांच से जोड़ा जा रहा है।

हरियाणा में 2 IAS अफसर सस्पेंड, कारण नहीं बताया बैंक घोटाले से जुड़ी कार्रवाई

हरियाणा में 2 IAS अफसर सस्पेंड, आदेश जारी
सस्पेंशन के कारणों का खुलासा नहीं, बैंक घोटाले से जोड़ा जा रहा
CBI जांच से पहले प्रशासनिक हलचल तेज


हरियाणा में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा एक्शन सामने आया है। राज्य सरकार ने दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह आदेश मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी किए गए हैं। हालांकि सस्पेंशन लेटर में कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इस कार्रवाई को हाल ही में सामने आए बैंक घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है।

सस्पेंड किए गए अधिकारियों में 2011 बैच के IAS प्रदीप कुमार-I और 2012 बैच के IAS राम कुमार सिंह शामिल हैं। प्रदीप कुमार-I वर्तमान में राज्य परिवहन विभाग में डायरेक्टर एवं विशेष सचिव के पद पर तैनात थे, जबकि राम कुमार सिंह राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव और पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMDA) में अतिरिक्त CEO के रूप में कार्यरत थे।

सरकार की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, दोनों अधिकारियों को ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय चंडीगढ़ स्थित चीफ सेक्रेटरी कार्यालय की सर्विसेज-I शाखा रहेगा और उन्हें नियमानुसार सब्सिस्टेंस अलाउंस दिया जाएगा।

इस कार्रवाई को हाल ही में सामने आए IDFC बैंक घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें पहले ही कई अधिकारियों के नाम सामने आ चुके हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपने की तैयारी चल रही है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

गौरतलब है कि इससे पहले सरकार तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को अहम पदों से हटाकर साइडलाइन कर चुकी है। इनमें साकेत कुमार, पंकज अग्रवाल और डीके बेहरा शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों के नाम भी कथित बैंक फ्रॉड मामले में चर्चा में रहे हैं।

इसके अलावा बुधवार देर रात 15 IAS अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट भी जारी की गई थी, जिसे इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को बड़े स्तर पर जांच की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल सरकार ने सस्पेंशन के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन जिस तरह से लगातार कार्रवाई हो रही है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े फैसले हो सकते हैं।