हरियाणा में बिजली संकट का खतरा, आज रात से 3 दिन की हड़ताल; वार्ता विफल, 11 से 13 अगस्त तक असर की आशंका
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की वार्ता विफल होने के बाद सोमवार रात से तीन दिन की हड़ताल शुरू होगी। पैरेलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग का विरोध।
➤ बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की सरकार के साथ वार्ता विफल
➤ आज सोमवार रात से तीन दिन की हड़ताल पर जाएंगे बिजली कर्मचारी
➤ पैरेलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग का कर्मचारी कर रहे विरोध
चंडीगढ़। हरियाणा में पहले से नगर पालिकाओं और दमकल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण परेशान आमजन की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं। बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की प्रबंधन के साथ हुई वार्ता विफल होने के बाद उन्होंने सोमवार रात से तीन दिन की हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, जिससे प्रदेश के लोगों को बिजली कटौती या आपूर्ति में बाधा का सामना करना पड़ सकता है। हड़ताल को लेकर कर्मचारी संगठन पहले ही 11 से 13 अगस्त तक राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान कर चुके हैं।
निजी बिजली कंपनियों को लाइसेंस देने, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ मुखर हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने प्रबंधन के साथ बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने की कोशिश की, लेकिन रविवार को हुई बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का फैसला कायम रखा।
ऊर्जा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव आशिमा बराड़ की अध्यक्षता में रविवार को शक्ति भवन में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा और प्रबंधन के बीच वार्ता हुई। मोर्चा नेताओं के अनुसार बैठक में निगम प्रबंधन ने साफ कहा कि पैरेलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग के मुद्दे पर वह कोई आश्वासन नहीं दे सकता।
इन मांगों पर भी नहीं बनी सहमति
कर्मचारी संगठनों ने केवल बिजली क्षेत्र की नीतियों को लेकर ही विरोध नहीं जताया है, बल्कि ठेका कर्मियों को पक्का करने, समान काम के लिए समान वेतन, जोखिम भत्ता देने और एक्स ग्रेसिया रोजगार स्कीम में लगाई गई शर्तों को हटाने सहित कई मांगें भी उठाई हैं।
मोर्चा नेताओं के मुताबिक इन मांगों पर भी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। प्रबंधन का कहना है कि ये मांगें सरकार के स्तर की हैं और इन पर सरकार ही विचार करेगी।
यही वजह रही कि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बातचीत किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल के फैसले को आगे बढ़ाने का ऐलान किया।
बिजली मंत्री के आश्वासन से पीछे हटने का आरोप
बैठक में मौजूद हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य देवेंद्र सिंह हुड्डा और इकबाल चंदाना ने आरोप लगाया कि निगम प्रबंधन बिजली मंत्री अनिल विज द्वारा मोर्चा के साथ हुई बैठक में दिए गए आश्वासन से भी पीछे हट रहा है।
उनका कहना है कि जब कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर कोई समाधान नहीं निकला और प्रबंधन की ओर से आश्वासन भी नहीं मिला तो मोर्चा के पास तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
11 अगस्त को देशभर में होंगे एकजुटता प्रदर्शन
नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) के वरिष्ठ सदस्य एवं इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की हड़ताल के समर्थन में 11 अगस्त को देशभर में एकजुटता प्रदर्शन किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि निगम प्रबंधन की ओर से किसी तरह की दमनात्मक कार्रवाई की गई तो देशभर में इसका तीखा विरोध किया जाएगा।
इससे साफ है कि हरियाणा के बिजली कर्मचारियों का आंदोलन अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रहने वाला है। देशभर के बिजली कर्मचारी संगठन भी हरियाणा के आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज उठाने की तैयारी में हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा भी आंदोलन के समर्थन में
बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा के लगभग सभी घटकों के नेताओं का भी समर्थन मिला है। किसान संगठनों के नेताओं ने प्रदर्शनों में शामिल होकर कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए अलग से एग्री डिस्कॉम बनाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है।
किसान संगठनों का दावा है कि अलग एग्री डिस्कॉम बनने से अन्य डिस्कॉम से मिलने वाली क्रास सब्सिडी खत्म हो जाएगी। उनका कहना है कि इससे मौजूदा व्यवस्था प्रभावित होगी और बिजली की दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।
किसान संगठनों के अनुसार एग्री डिस्कॉम की शुरुआत 5427 करोड़ रुपये की देनदारियों के साथ हो रही है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में इस व्यवस्था के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
महापंचायत में भी एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग का विरोध
किसानों ने अलग से महापंचायत करके भी एग्री डिस्कॉम, स्मार्ट मीटरिंग और पैरेलल लाइसेंस का विरोध करने की घोषणा की है। किसान संगठनों का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का असर सीधे कृषि क्षेत्र और बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
वहीं बिजली कर्मचारी भी इन नीतियों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल के दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारियों ने पैरेलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं।
तीन दिन की हड़ताल से आमजन की बढ़ सकती है परेशानी
हरियाणा में नगर पालिकाओं और दमकल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के बीच बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल से आमजन की परेशानी बढ़ने की आशंका है। बिजली आपूर्ति में बाधा आने की स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कारोबारी और औद्योगिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि हड़ताल का वास्तविक असर किस स्तर तक होता है, यह बिजली कर्मचारियों की भागीदारी और बिजली निगमों की व्यवस्था पर निर्भर करेगा। फिलहाल कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच वार्ता विफल होने के बाद टकराव की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में हरियाणा के लोगों की नजर अब सोमवार रात से शुरू होने वाले आंदोलन पर है। एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, वहीं सरकार और निगम प्रबंधन के सामने बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने की चुनौती है।
Akhil Mahajan