खतरे में ‘जवान’ दिल: हरियाणा में 6 साल में 18 हजार युवाओं की हार्ट अटैक से मौत, विधानसभा में खुलासा

हरियाणा में पिछले 6 वर्षों में 18 से 45 वर्ष के 18 हजार युवाओं की हार्ट अटैक से मौत का चौंकाने वाला खुलासा विधानसभा में हुआ है।

खतरे में ‘जवान’ दिल: हरियाणा में 6 साल में 18 हजार युवाओं की हार्ट अटैक से मौत, विधानसभा में खुलासा

6 साल में 18 हजार युवाओं की दिल की बीमारी से मौत
18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग में तेजी से बढ़ा खतरा
तनाव, खराब लाइफस्टाइल और नशा बने बड़ी वजह



चंडीगढ़। हरियाणा में युवाओं की सेहत को लेकर एक बेहद चिंताजनक और डराने वाला खुलासा सामने आया है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों ने प्रदेशभर में चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2020 से जनवरी 2026 के बीच करीब 18 हजार युवाओं की मौत हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर के कारण हो चुकी है। यह आंकड़ा न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था बल्कि बदलती जीवनशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

यह मुद्दा बुधवार को विधानसभा में जोर-शोर से उठा, जब एक कांग्रेस विधायक द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने स्वीकार किया कि 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग में दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण मौतों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। इस आयु वर्ग को समाज की सबसे सक्रिय और कामकाजी आबादी माना जाता है, ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में मौतें होना एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक इन मौतों के प्रमुख कारणों में कार्डियक अरेस्ट, साइलेंट हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर शामिल हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में दिल की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं और अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं में हार्ट अटैक के पीछे कई प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ी वजह बदली हुई जीवनशैली मानी जा रही है, जिसमें देर रात तक जागना, मोबाइल और स्क्रीन पर अधिक समय बिताना और शारीरिक गतिविधियों की कमी शामिल है। इसके अलावा अत्यधिक तनाव भी एक बड़ा कारक बनकर उभरा है, जहां करियर की दौड़ और पारिवारिक जिम्मेदारियां मानसिक दबाव को बढ़ा रही हैं।

खान-पान की खराब आदतें भी दिल की सेहत पर असर डाल रही हैं। जंक फूड का बढ़ता सेवन, तैलीय और मिलावटी खाद्य पदार्थों का उपयोग शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहा है। वहीं नशीले पदार्थों का सेवन भी युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है, जो हृदय की धमनियों को नुकसान पहुंचाकर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा रहा है। इसके अलावा कई अध्ययनों में कोविड संक्रमण के बाद हृदय संबंधी जटिलताओं में भी वृद्धि देखी गई है, जिसे इस बढ़ते खतरे का एक कारण माना जा रहा है।

जिलावार स्थिति की बात करें तो गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में इन मौतों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक दर्ज की गई है। इन इलाकों में तेज रफ्तार जिंदगी, अधिक तनाव और प्रदूषण के उच्च स्तर को इसके पीछे का मुख्य कारण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अब 20-25 साल के युवाओं में भी हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज देखने को मिल रहा है। जिम में बिना विशेषज्ञ सलाह के सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल और अत्यधिक वर्कआउट भी जोखिम को बढ़ा रहा है।

ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना, छाती में दर्द या भारीपन को नजरअंदाज न करना, रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना या योग करना और धूम्रपान व शराब से दूरी बनाना बेहद जरूरी बताया गया है।