घर से बेदखली की रंजिश में चाचा की ह*त्या, 3 महीने पहले शादी करने वाला दोस्त भी बना शिकार
20 साल पुराने पारिवारिक विवाद में चाचा राहुल मलिक की हत्या के बाद आरोपी ने अपने दोस्त अंकुश को भी मार डाला। अंकुश की तीन महीने पहले ही शादी हुई थी।
➤ 20 साल पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर चाचा राहुल मलिक से रंजिश रखता था आरोपी
➤ डेराबस्सी में चाचा की हत्या के बाद शव लेकर पानीपत पहुंचा और दोस्त अंकुश को भी मार डाला
➤ अंकुश की महज 3 महीने पहले हुई थी शादी, एक कॉल ने उजाड़ दिया पूरा परिवार
डेराबस्सी और पानीपत में हुए डबल मर्डर केस की जांच में सामने आ रही जानकारियां इस वारदात को केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि वर्षों से पल रही रंजिश और दो परिवारों की तबाही की कहानी बना रही हैं। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी साहिल मलिक ने पहले अपने चाचा राहुल मलिक की हत्या की और फिर अपने दोस्त अंकुश को भी मौत के घाट उतार दिया। इस खूनी घटनाक्रम के पीछे 20 साल पुराना पारिवारिक विवाद और आर्थिक लेनदेन के विवाद की बातें सामने आ रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, करीब दो दशक पहले साहिल के पिता ने एक होम लोन लिया था। जब लोन का भुगतान नहीं हो सका तो राहुल मलिक ने कर्ज चुकाया और इसके बाद परिवार में विवाद गहरा गया। बताया जा रहा है कि इसी घटनाक्रम के बाद साहिल का परिवार घर से अलग हो गया। जांच में सामने आया है कि साहिल बचपन से ही इस मामले को लेकर अपने चाचा से नाराज रहता था और मन में रंजिश पाले हुए था।
राहुल मलिक पिछले कुछ वर्षों से मोहाली के डेराबस्सी क्षेत्र में अपना कारोबार कर रहे थे। बुधवार को साहिल सीधे उनके कार्यालय पहुंचा। वहां दोनों के बीच विवाद हुआ और देखते ही देखते गोलियां चल गईं। राहुल मलिक को दो गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात के दौरान कार्यालय में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी घायल हो गया।
हत्या के बाद आरोपी ने चाचा के शव को गाड़ी में डाला और पंजाब से हरियाणा की ओर निकल पड़ा। लेकिन यह खूनी सफर यहीं खत्म नहीं हुआ। पानीपत पहुंचने के बाद उसने अपने दोस्त अंकुश को फोन कर मिलने के लिए बुलाया।
अंकुश हरि नगर का रहने वाला था और एक सीमेंट एजेंसी में अकाउंटेंट के रूप में काम करता था। परिजनों के अनुसार, उसकी करीब तीन महीने पहले ही शादी हुई थी और परिवार नए जीवन की खुशियों में डूबा हुआ था। किसी को अंदाजा नहीं था कि एक फोन कॉल उसके जीवन की आखिरी कॉल साबित होगी।
अंकुश के चाचा सुरजीत ने पुलिस को बताया कि 17 जून की रात दोनों काम खत्म कर घर लौट रहे थे। रास्ते में अंकुश के मोबाइल पर साहिल का फोन आया। अंकुश ने कहा कि वह साहिल से मिलकर थोड़ी देर में वापस आ जाएगा। इसके बाद वह चला गया, लेकिन फिर कभी लौटकर नहीं आया।
परिवार ने जब काफी देर तक इंतजार किया तो उसकी तलाश शुरू की गई। बाद में उन्हें नहर के पास पहुंचने के लिए कहा गया। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। सड़क किनारे अंकुश और राहुल मलिक के शव खून से लथपथ हालत में पड़े थे।
मृतक अंकुश के परिजनों का आरोप है कि साहिल ने उसके दस्तावेजों पर वाहन लोन लिया था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या यही विवाद अंकुश की हत्या की वजह बना।
इस डबल मर्डर ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक तरफ वर्षों पुराने विवाद में राहुल मलिक की जान चली गई, वहीं दूसरी ओर नई जिंदगी की शुरुआत करने वाला अंकुश भी इस खूनी वारदात का शिकार बन गया।
फिलहाल आरोपी साहिल मलिक पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरी वारदात की योजना कब और कैसे बनाई गई थी तथा इसके पीछे और कौन-कौन से कारण जिम्मेदार थे।
pooja