जींस धोने की झंझट खत्म, फ्रीजर ट्रिक से बिना पानी के करें साफ

जींस को बिना धोए साफ और फ्रेश रखने के लिए फ्रीजर ट्रिक तेजी से वायरल हो रही है। जानिए इसके फायदे, नुकसान और सही तरीका क्या है।

जींस धोने की झंझट खत्म, फ्रीजर ट्रिक से बिना पानी के करें साफ

जींस धोने की झंझट खत्म, फ्रीजर ट्रिक से बिना मेहनत होगी साफ
बार-बार धोने से जींस का रंग और कपड़ा होता है खराब
फ्रीजर ट्रिक से बदबू कम होती है, लेकिन जिद्दी दाग पर नहीं करता काम


जींस पहनना जितना आसान और स्टाइलिश होता है, उसे धोना उतना ही मुश्किल काम माना जाता है। पानी में जाते ही जींस भारी हो जाती है और बार-बार वॉश करने से उसका रंग फीका पड़ने लगता है। ऐसे में अब एक आसान घरेलू तरीका सामने आया है, जिससे बिना मेहनत के जींस को साफ और फ्रेश रखा जा सकता है।

दरअसल, एक्सपर्ट्स का मानना है कि जींस को बार-बार धोना सही नहीं होता। ज्यादा वॉशिंग से उसका फैब्रिक कमजोर हो जाता है, रंग उतरने लगता है और जींस जल्दी पुरानी दिखने लगती है। यही वजह है कि डेनिम लवर्स सलाह देते हैं कि जींस को 4 से 6 बार पहनने के बाद ही धोना चाहिए।

इसी बीच एक अनोखी फ्रीजर ट्रिक सोशल मीडिया और फैशन सर्कल में काफी चर्चा में है। इस ट्रिक के अनुसार, अगर आपकी जींस में हल्की बदबू है लेकिन ज्यादा गंदी नहीं है, तो उसे धोने की बजाय फ्रीजर में रखकर फ्रेश किया जा सकता है।

इस ट्रिक को अपनाने के लिए सबसे पहले जींस को अच्छी तरह सूखा लें और अगर कहीं हल्का दाग हो तो उसे कपड़े से साफ कर लें। इसके बाद जींस को उल्टा करके एक जिप-लॉक बैग में डालें और पूरी तरह सील कर दें, ताकि नमी अंदर न जा सके। फिर इसे 12 से 24 घंटे के लिए फ्रीजर में रख दें।

फ्रीजर से निकालने के बाद जींस को कुछ देर धूप में रखें और फिर पहन सकते हैं। दावा किया जाता है कि इससे जींस की बदबू कम हो जाती है और वह पहले जैसी फ्रेश लगती है।

हालांकि, एक्सपर्ट्स यह भी स्पष्ट करते हैं कि फ्रीजर बैक्टीरिया को खत्म नहीं करता, बल्कि उनकी ग्रोथ को कुछ समय के लिए धीमा कर देता है। जैसे ही जींस सामान्य तापमान में आती है, बैक्टीरिया फिर सक्रिय हो सकते हैं।

इसके अलावा, अगर जींस पर तेल या जिद्दी दाग लगे हैं, तो फ्रीजर ट्रिक काम नहीं करेगी। ऐसे मामलों में स्पॉट क्लीनिंग या नियमित धोना ही जरूरी है।

इस तरह, यह ट्रिक हल्की बदबू और फ्रेशनेस के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन पूरी तरह सफाई के लिए पारंपरिक तरीके ही बेहतर माने जाते हैं।