हरियाणा में किसानों का बड़ा प्रदर्शन: 5 जिलों में जाम, टोल कब्जा; खरीद नियमों का विरोध
हरियाणा में किसानों ने फसल खरीद के नए नियमों के विरोध में 5 जिलों में जाम लगाया, टोल कब्जा और पुलिस से नोकझोंक।
➤ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 5 जिलों में जाम
➤ हांसी में टोल कब्जा, हिसार में पुलिस से नोकझोंक
➤ फसल खरीद के नए नियमों और शर्तों के खिलाफ विरोध
हरियाणा के कई जिलों में रबी सीजन की फसल खरीद को लेकर बनाए गए नए नियमों के विरोध में किसानों ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अनाज मंडियों और हाईवे पर धरना देकर बैठ गए, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा।
हांसी में किसानों ने रामायण टोल प्लाजा पर कब्जा कर सभी लेन बंद करवा दीं। मौके पर पहुंचे DSP के साथ किसानों की बहस भी हुई। किसानों ने प्राइवेट बसों को टोल से ही वापस लौटा दिया, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं हिसार में नेशनल हाईवे पर जाम लगाने पहुंचे किसानों की पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। इस दौरान रोडवेज बस समेत कई वाहन करीब दो घंटे तक जाम में फंसे रहे। कुछ यात्री बसों से उतरकर पैदल ही निकलते दिखाई दिए। प्रशासन ने हालात को देखते हुए रूट डायवर्ट किया।
करनाल के असंध क्षेत्र में 709-A हाईवे और सोनीपत के रतनगढ़ गांव के पास भी किसानों ने रास्ता जाम कर दिया। फतेहाबाद के रतिया क्षेत्र में भी किसान सड़कों पर बैठ गए। यहां किसानों ने एम्बुलेंस को रास्ता दिया, लेकिन निकलते समय एम्बुलेंस ट्रॉली से टकरा गई, जिससे उसका शीशा टूट गया।'
इसके अलावा रोहतक, भिवानी, पानीपत, कैथल, यमुनानगर और पंचकूला में भी किसानों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियम, जैसे OTP आधारित स्लॉट बुकिंग, मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, वाहनों की नंबर प्लेट अनिवार्यता और फसल गुणवत्ता के सख्त मानक, व्यवहारिक नहीं हैं। उनका आरोप है कि इन शर्तों के कारण छोटे किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार का पक्ष है कि इन नियमों से मंडियों में भीड़ और अव्यवस्था कम होगी, साथ ही भुगतान सीधे बैंक खाते में 72 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। हालांकि किसानों का कहना है कि तकनीकी और जमीनी स्तर पर ये नियम कई समस्याएं पैदा कर रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कई जगहों पर अतिरिक्त बल तैनात किया और यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया। फिलहाल किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
Akhil Mahajan