झज्जर के सरकारी ब्लड बैंक में 19 लाख से अधिक का बड़ा गबन

झज्जर के सरकारी ब्लड बैंक में 19 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। लेखाकार ने सरकारी फीस को निजी खाते में जमा किया। पढ़ें पूरे घोटाले की विस्तृत रिपोर्ट।

झज्जर के सरकारी ब्लड बैंक में 19 लाख से अधिक का बड़ा गबन

झज्जर के सरकारी ब्लड बैंक में 19 लाख से अधिक का बड़ा गबन लेखाकार पर सरकारी फीस निजी खाते में जमा करने का आरोप तीन वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड में सामने आई भारी अनियमितता

झज्जर के नागरिक अस्पताल स्थित सरकारी ब्लड बैंक में वित्तीय अनियमितता का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ करीब 19.14 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। जांच में खुलासा हुआ है कि ब्लड बैंक में तैनात लेखाकार अखिल ने निजी अस्पतालों को उपलब्ध कराए गए रक्त के बदले ली जाने वाली सरकारी फीस को सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय अपने निजी खाते में डायवर्ट कर दिया। यह गड़बड़ी वर्ष 2023 से 2026 के बीच अंजाम दी गई, जिसने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

मामले की परतें तब खुलीं जब मई 2025 में चार्ज बदलने के आदेश के बावजूद आरोपी ने मार्च 2026 तक राशि संग्रह का कार्य जारी रखा। वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग के दौरान जब बैंक स्टेटमेंट और रसीद पुस्तकों का मिलान किया गया, तो लाखों रुपये का अंतर स्पष्ट हो गया। केवल वर्ष 2023-24 में ही करीब 10 लाख रुपये का हिसाब नहीं मिला। जाँच समिति द्वारा मांगे जाने पर आरोपी लेखाकार कोई भी दस्तावेज या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने में विफल रहा।

सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान ने बताया कि मामले की गहन जाँच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। विभाग ने अब आरोपी के पूरे कार्यकाल, यानी सितंबर 2019 से लेकर अब तक की विशेष ऑडिट कराने की सिफारिश की है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जाँच का दायरा बढ़ेगा, गबन की यह राशि और भी अधिक हो सकती है। फिलहाल, आरोपी कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया गया है, जिसके बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।