एनकाउंटर से पहले इंद्रपाल ने पुलिस को दी थी धमकी । सुनील सैनी की हत्या की योजना बनाकर दुजाना पहुंचा था आरोपी

झज्जर एनकाउंटर में मारे गए इंद्रपाल को लेकर नए खुलासे हुए हैं। STF के अनुसार वह सुनील सैनी की हत्या की योजना बनाकर आया था और पुलिस को धमकी देकर फायरिंग की।

एनकाउंटर से पहले इंद्रपाल ने पुलिस को दी थी धमकी । सुनील सैनी की हत्या की योजना बनाकर दुजाना पहुंचा था आरोपी

एनकाउंटर से पहले इंद्रपाल ने पुलिस को दी थी धमकी

सुनील सैनी की हत्या की योजना बनाकर दुजाना पहुंचा था आरोपी

पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में मारा गया

हरियाणा के झज्जर जिले के दुजाना गांव में हुई पुलिस मुठभेड़ को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। बहादुरगढ़ एसटीएफ की शिकायत के अनुसार एनकाउंटर में मारा गया इंद्रपाल विजय सैनी के बेटे सुनील सैनी की हत्या करने की योजना बनाकर गांव पहुंचा था। इससे पहले कि वह अपने इरादे को अंजाम देता, पुलिस टीम का उससे सामना हो गया।

पुलिस के अनुसार इंद्रपाल की घेराबंदी किए जाने पर उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था। हालांकि उसने सरेंडर करने से साफ इनकार कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने पुलिस टीम को धमकाते हुए कहा कि वह पहले ही दो हत्याएं कर चुका है और जरूरत पड़ी तो दो-चार और कर देगा। उसने पुलिसकर्मियों को पीछे हट जाने की चेतावनी भी दी।

एसटीएफ इंचार्ज ने आरोपी को दोबारा आत्मसमर्पण करने का मौका दिया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपी की गोली पीएसआई सचिन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई।

इसके बाद आत्मरक्षा में एसटीएफ इंचार्ज ने तीन राउंड फायर किए। गोली लगने से इंद्रपाल घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस टीम जब उसे काबू करने के लिए आगे बढ़ी तो उसने घायल अवस्था में भी इंस्पेक्टर राकेश कुमार पर फायरिंग कर दी। इस दौरान गोली इंस्पेक्टर की बाजू में लगी और वह घायल हो गए।

एसटीएफ के पीएसआई दीपक द्वारा दर्ज शिकायत में यह भी खुलासा हुआ है कि इंद्रपाल विशेष रूप से सुनील सैनी को निशाना बनाने के इरादे से दुजाना गांव आया था। पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के कारण उसकी योजना सफल नहीं हो सकी।

घटना के बाद इंद्रपाल के शव का मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। एक्स-रे रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि आरोपी को तीन गोलियां लगी थीं। इनमें से एक गोली शरीर में मिली, जबकि दो गोलियां आरपार हो गई थीं।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। देर शाम गांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सिविल अस्पताल पहुंचे परिजनों ने मामले पर ज्यादा प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। हालांकि पुलिस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि इंद्रपाल ने जिन लोगों की जान ली थी, उनके भी परिवार और बच्चे थे। परिजनों ने कहा कि उसने जैसा किया, उसके साथ भी वैसा ही हुआ।

दुजाना थाना के जांच अधिकारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया गया है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।