PM हाउस तक AAP का मार्च : पुलिस ने रोका, धरने पर बैठे कार्यकर्ता, केजरीवाल बोले- E20 थोपना बंद करें
E20 पेट्रोल के विरोध में PM हाउस मार्च के लिए निकले अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने फिरोज शाह रोड पर रोक दिया। 2.30 लाख हस्ताक्षरों वाला पिटीशन लेकर AAP ने सरकार को घेरा।
➤ E20 पेट्रोल के विरोध में PM हाउस मार्च के लिए निकले अरविंद केजरीवाल को पुलिस ने रोका
➤ 2.30 लाख हस्ताक्षर वाला पिटीशन लेकर पहुंचे AAP कार्यकर्ता, फिरोज शाह रोड पर धरना
➤ दिल्ली पुलिस बोली- मार्च की अनुमति नहीं ली गई, BNSS 163 लागू है
E20 पेट्रोल को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को बड़ा सियासी टकराव देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ निकले, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें फिरोज शाह रोड पर ही रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए। केजरीवाल ने दावा किया कि वे 2.30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाला पिटीशन प्रधानमंत्री को सौंपने आए थे और सरकार से E20 पेट्रोल लागू करने का फैसला वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
सरकार पर लगाया जनता पर फैसला थोपने का आरोप
धरने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार आम लोगों पर जबरन E20 पेट्रोल थोप रही है। उनका कहना था कि लाखों वाहन मालिकों की चिंताओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि वे केवल प्रधानमंत्री से मिलकर जनता की आवाज पहुंचाना चाहते थे। केजरीवाल ने बताया कि उनके साथ ऐसे लोग भी आए हैं, जिनका दावा है कि E20 के इस्तेमाल से उनके वाहनों में दिक्कतें आई हैं।
दिल्ली पुलिस ने क्यों रोका मार्च?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि AAP ने इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी। पुलिस के अनुसार, राजधानी में BNSS की धारा 163 लागू है, इसलिए प्रधानमंत्री आवास की ओर किसी भी तरह के मार्च की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी वजह से फिरोज शाह रोड पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
E20 पेट्रोल पर क्या हैं केजरीवाल की तीन मांगें?
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, देश के सभी पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ प्योर पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए। दूसरी, E20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम रखी जाए। तीसरी, पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से कम की जाए। उनका कहना है कि इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
E20 पर क्यों छिड़ी है बहस?
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को फायदा मिलेगा और प्रदूषण घटेगा। वहीं विरोध करने वालों का दावा है कि इससे कुछ वाहनों का माइलेज कम हो सकता है और पुराने वाहनों के कुछ पार्ट्स पर असर पड़ सकता है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा था कि E20 के इस्तेमाल से कुछ वाहनों का माइलेज 2 से 6 प्रतिशत तक कम हो सकता है, हालांकि उपलब्ध अध्ययनों में वाहन के प्रदर्शन पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया।
Akhil Mahajan