मुस्कान केस में अचानक आया बड़ा मोड़... पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने बदली कहानी! कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा, उनके भाई और पिता , जानें

रोहतक में मुस्कान की प्राइमरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि हुई है। पंचायत और परिजनों की सहमति के बाद कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा, उनके भाई और पिता को पुलिस ने रिहा कर दिया।

मुस्कान केस में अचानक आया बड़ा मोड़... पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने बदली कहानी! कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा, उनके भाई और पिता , जानें

प्राइमरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि, शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले
पंचायत और परिजनों की सहमति के बाद कबड्डी खिलाड़ी शीलू, भाई और पिता रिहा
विसरा रिपोर्ट के बाद आगे की जांच और कार्रवाई होगी


रोहतक में कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान (23) की मौत के मामले में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। प्राइमरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मुस्कान की मौत का कारण आत्महत्या (फांसी) बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। वहीं, दोनों गांवों की पंचायत और मुस्कान के पिता की लिखित सहमति के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए शीलू बल्हारा, उनके भाई मनीष और पिता सुरेंद्र बल्हारा को रिहा कर दिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।

महम DSP तनुज शर्मा ने बताया कि प्राथमिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की बात सामने आई है और शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं पाए गए। उन्होंने कहा कि अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसी के आधार पर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई तय होगी।

मंगलवार को फरमाना और बहु अकबरपुर गांवों की पंचायत हुई। दोनों गांवों के सरपंचों और पंचों की मौजूदगी में फैसला लिया गया कि मुस्कान की तेरहवीं तक शीलू और उनके परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब 12 अगस्त को दोबारा पंचायत होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

पंचायत के बाद मुस्कान के पिता सुखबीर सिंह ने पुलिस को लिखित में दिया कि बेटी की तेरहवीं तक शीलू और उसके परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। इसी आधार पर पुलिस ने हिरासत में लिए गए तीनों लोगों को रिहा कर दिया।

मुस्कान के अंतिम संस्कार के दौरान शीलू बल्हारा ने पत्नी की चिता को मुखाग्नि दी थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें, उनके भाई और पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इस बीच दोनों गांवों में लगातार पंचायतें होती रहीं और मंगलवार को पंचायत के फैसले के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।