घर के ऑफिस में बैठे थे खामेनेई, तभी गिरी मिसाइल...जानें ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ में कैसे हुआ ईरान के सर्वोच्च नेता का खात्मा?
तेहरान स्थित आवासीय ऑफिस में मिसाइल हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत सटीक टारगेटिंग और IRGC की बदले की चेतावनी।
■ तेहरान स्थित आवासीय ऑफिस में बैठे थे खामेनेई, मिसाइल हमले में मौत का दावा
■ ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के तहत सटीक टारगेटिंग का आरोप
■ IRGC का ऐलान, खामेनेई की मौत का बदला लेने की चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमले में तेहरान स्थित उनके आवासीय परिसर में बने निजी ऑफिस को निशाना बनाया गया। दावा है कि हमले के वक्त खामेनेई अपने घर के ऑफिस में मौजूद थे, तभी मिसाइल आकर गिरी और पूरा परिसर धुएं और मलबे में तब्दील हो गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला बेहद सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया। कहा जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका को खामेनेई की लोकेशन की पहले से जानकारी थी। मिसाइलें सीधे उस हिस्से पर दागी गईं जहां उनका निजी कार्यालय स्थित था। धमाके के बाद आसमान काले धुएं से भर गया और परिसर पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
इस हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य भी मारे जाने की खबर है, जिनमें उनकी बेटी, दामाद और पोती शामिल बताए जा रहे हैं। ईरान सरकार ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है।
ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ क्या था?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया था। इसे एक सुनियोजित सैन्य अभियान बताया जा रहा है, जिसमें राजधानी तेहरान के संवेदनशील सरकारी ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया गया। विश्लेषकों का मानना है कि हमले का समय इस तरह चुना गया जब वरिष्ठ अधिकारी अपने दफ्तरों में मौजूद थे। हालांकि स्वतंत्र स्तर पर इन दावों की पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
IRGC की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि देश ने एक महान नेता खो दिया है, लेकिन उनकी शहादत ईरान को और मजबूत बनाएगी। संगठन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खामेनेई की मौत का बदला लिया जाएगा और देश के खिलाफ किसी भी आंतरिक या बाहरी साजिश का डटकर मुकाबला किया जाएगा।
बयान में धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा गया कि जो लोग ईश्वर की राह में मारे जाते हैं, उन्हें मृत नहीं समझा जाना चाहिए। यह संदेश ईरान के भीतर जनसमर्थन को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
इस घटना के बाद मध्य-पूर्व में हालात और अधिक विस्फोटक हो गए हैं। पहले से जारी सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच यह दावा संघर्ष को नए स्तर पर ले जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम और कूटनीति की अपील कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
Akhil Mahajan