कनाडा में स्विमिंग पूल में डूबने से हरियाणा के युवक की मौत
कुरुक्षेत्र के 21 वर्षीय मंदीप सिंह की कनाडा में स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। तीन दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। दिसंबर में उसकी शादी होनी थी।
- कुरुक्षेत्र के 21 वर्षीय मंदीप सिंह की कनाडा में स्विमिंग पूल हादसे में मौत
- तीन दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ता रहा युवक
- दिसंबर में होनी थी शादी, परिवार की खुशियां मातम में बदलीं
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। कनाडा में रह रहे 21 वर्षीय युवक मंदीप सिंह की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वह नहाने के लिए स्विमिंग पूल में उतरा था। अचानक पैर फिसलने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में चला गया। जब तक उसे बाहर निकाला गया, तब तक वह बेसुध हो चुका था।
हादसे के तुरंत बाद उसके साथियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने लगातार उसे बचाने की कोशिश की। करीब तीन दिन तक मंदीप जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा, लेकिन आखिरकार डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक की पहचान मंदीप सिंह (21) निवासी लाडवा, कुरुक्षेत्र के रूप में हुई है। वह करीब दो साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में रहकर वह बच्चों की हेल्थ केयर से जुड़े क्षेत्र में कार्य कर रहा था। परिवार ने कनाडा से पार्थिव शरीर भारत पहुंचने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
परिवार के अनुसार 20 मई 2026 को कनाडा के हेमिल्टन शहर में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे यह हादसा हुआ। उस समय भारत में देर रात थी। मंदीप स्विमिंग पूल में नहा रहा था, तभी फिसलन के कारण वह गहरे पानी में चला गया और हादसे का शिकार हो गया।
परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उसके उपचार में जुटी रही, लेकिन पानी का असर उसके शरीर और दिमाग तक पहुंच चुका था। इसी वजह से उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही।
मंदीप के पिता प्रदीप कुमार ने बताया कि डॉक्टरों की छह से सात सदस्यीय टीम लगातार तीन दिन तक उसके उपचार में लगी रही। तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और 23 मई की रात करीब 10 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मंदीप के चाचा राम कुमार ने बताया कि युवक का पार्थिव शरीर भारत लाने में करीब 14 लाख रुपए का खर्च आया। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उसका पार्थिव शरीर घर पहुंचा। इसके बाद परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
उन्होंने बताया कि मंदीप के बड़े भाई के मित्र अमन, जो कुरुक्षेत्र के सेक्टर-5 का रहने वाला है और ब्रैम्पटन में ही उसके साथ रहता था, ने पार्थिव शरीर को भारत भिजवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवार ने बताया कि मंदीप की सगाई हो चुकी थी और इसी साल दिसंबर में उसकी शादी तय थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था और दिसंबर में उसके भारत लौटने का इंतजार कर रहा था। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं।
मंदीप अपने पीछे माता-पिता, बड़े भाई और उसके परिवार को छोड़ गया है। उसके चाचा राम कुमार श्री सनातन धर्म महाबीर दल लाडवा के उपप्रधान हैं। घटना के बाद पूरे परिवार को गहरा सदमा लगा है और घर पर सांत्वना देने वालों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है।
परिजनों के अनुसार मंदीप ने पिछले वर्ष 3 दिसंबर को अपना 21वां जन्मदिन मनाया था। वह बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के सपनों के साथ कनाडा गया था, लेकिन उसकी असमय मौत ने परिवार के सभी सपनों को अधूरा छोड़ दिया।
Akhil Mahajan