MDU में छात्रों का Gen Z स्‍टाइल में विरोध , बोले- ‘कुचु पुचु फीस मत बढ़ाओ’; VC की फोटो का बनाया कार्टून

रोहतक के MDU में 10 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी समेत अन्य मांगों को लेकर 10 दिन से धरने पर बैठे छात्रों ने वीसी की फोटो का कार्टून बनाकर ‘कुचु पुचु फीस मत बढ़ाओ’ का स्लोगन लिखा। एमडीयू प्रशासन के अनुरोध पर छात्रों ने पोस्टर हटा लिया।

MDU में छात्रों का Gen Z  स्‍टाइल में विरोध , बोले- ‘कुचु पुचु फीस मत बढ़ाओ’; VC की फोटो का बनाया कार्टून

10 दिन से फीस बढ़ोतरी समेत मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्र
VC की फोटो का कार्टून बनाकर ‘कुचु पुचु फीस मत बढ़ाओ’ लिखा
एमडीयू प्रशासन के अनुरोध पर छात्रों ने पोस्टर हटा लिया


रोहतक। रोहतक स्थित महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में फीस बढ़ोतरी को लेकर पिछले 10 दिनों से धरने पर बैठे छात्रों ने विरोध का एक अलग अंदाज अपनाया। मिशन इक्वेलिटी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े छात्रों ने वीसी की फोटो का कार्टून बनाकर उस पर ‘कुचु पुचु फीस मत बढ़ाओ’ का स्लोगन लिख दिया। छात्रों का कहना है कि यह विरोध का प्यार भरा अंदाज है, जिसके जरिए वे विश्वविद्यालय प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं।

छात्रों ने 10 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी सहित अन्य मांगों को लेकर 10 अगस्त से धरना शुरू किया था। छात्रों के मुताबिक वे दिन-रात धरने पर बैठे हैं, लेकिन बातचीत के लिए एमडीयू प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके बाद छात्रों ने विरोध का यह नया तरीका अपनाया।

वीसी की फोटो का कार्टून बनाकर जताया विरोध

धरने पर बैठे छात्रों ने वीसी की फोटो का कार्टून तैयार किया और उसके साथ ‘कुचु पुचु फीस मत बढ़ाओ’ का स्लोगन लगाया। छात्रों ने इसे जेन-जी के अंदाज में विरोध बताया।

दरअसल, छात्रों का कहना है कि ‘कुचु पुचु’ शब्द का इस्तेमाल जंतर-मंतर पर जेन-जी के आंदोलन के दौरान किया गया था। इसी अंदाज को अपनाते हुए एमडीयू के छात्रों ने भी अपनी मांग विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश की।

पोस्टर देखकर एमडीयू प्रशासन में हलचल

छात्रों के इस पोस्टर के सामने आने के बाद एमडीयू प्रशासन की तरफ से भी प्रतिक्रिया हुई। छात्रों के मुताबिक प्रशासन ने उन्हें धरने से हटाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र वहां से हटने को तैयार नहीं हुए।

इसके बाद प्रशासन की तरफ से पोस्टर हटाने का अनुरोध किया गया। छात्रों ने बताया कि पहले उन्होंने पोस्टर हटाने से इनकार किया, लेकिन बाद में अनुरोध के बाद पोस्टर हटा लिया।

करीब 20 कर्मचारी पहुंचे, पोस्टर हटाने का किया अनुरोध

छात्र संगठन के जनरल सेक्रेटरी नकुल ने बताया कि वीसी को ‘कुचु पुचु’ कहने पर एमडीयू प्रशासन ने आपत्ति जताई। उनके अनुसार कंट्रोलर और सिक्योरिटी के करीब 20 कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पोस्टर हटाने के लिए कहा।

नकुल के मुताबिक जब छात्र पोस्टर हटाने के लिए तैयार नहीं हुए तो कंट्रोलर ने भी उनसे अनुरोध किया। इसके बाद छात्रों ने पोस्टर हटा लिया।

‘प्यार भरे अंदाज में वीसी को दिया संदेश’

छात्र संगठन के जनरल सेक्रेटरी नकुल ने कहा कि कुचु पुचु शब्द का इस्तेमाल जंतर-मंतर पर जेन-जी ने अपने विरोध के दौरान किया था। छात्रों का कहना है कि वे भी इसी भाषा में वीसी को प्यार भरे अंदाज में संदेश देना चाहते हैं कि छात्रों की समस्या को दूर किया जाए।

नकुल ने कहा कि जेन-जी की भाषा में ही अब विरोध जताया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने संसद में भी इसकी चर्चा की थी।

फीस बढ़ोतरी के खिलाफ 10 दिन से धरना

छात्रों का धरना 10 अगस्त से चल रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में 10 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी का विरोध भी शामिल है। छात्र दिन-रात धरने पर बैठे हुए हैं।

छात्रों का कहना है कि लंबे समय से धरना चलने के बावजूद प्रशासन की तरफ से बातचीत के लिए अधिकारी नहीं पहुंचा। इसी वजह से उन्होंने विरोध का यह अलग तरीका अपनाया।

‘नारेबाजी और गाली से फर्क नहीं पड़ा, कुचु पुचु से पड़ गया’

छात्र नेता नकुल ने कहा कि उनका प्रोटेस्ट जरूर कामयाब होगा। उनका कहना है कि वीसी के खिलाफ नारेबाजी करने या गाली देने से प्रशासन को कोई खास फर्क नहीं पड़ता, लेकिन ‘कुचु पुचु फीस मत बढ़ाओ’ का स्लोगन और वीसी की फोटो का कार्टून सामने आने के बाद प्रशासन ने इस पर प्रतिक्रिया दी।

छात्रों के मुताबिक यही उनके विरोध की खास बात रही कि इस बार उन्होंने आक्रामक नारेबाजी के बजाय अलग और जेन-जी शैली का इस्तेमाल किया।

फिलहाल MDU में फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों का धरना जारी है और छात्रों के इस अनोखे विरोध ने विश्वविद्यालय परिसर में चर्चा पैदा कर दी है। पोस्टर को लेकर प्रशासन की आपत्ति के बाद छात्रों ने उसे हटा दिया है। अब देखना होगा कि फीस बढ़ोतरी सहित छात्रों की अन्य मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है।