नेशनल मेडलिस्ट रेसलर गिरफ्तार,ड्रग तस्करी का आरोप, 3 साल से था फरार
रोहतक के नेशनल मेडलिस्ट पूर्व रेसलर अमित श्योराण ड्रग तस्करी में गिरफ्तार हुआ। पुलिस के अनुसार वह झारखंड से अफीम लाकर दिल्ली-हरियाणा में सप्लाई करता था।
नेशनल मेडलिस्ट पूर्व रेसलर अमित श्योराण ड्रग तस्करी में गिरफ्तार, 3 साल से था फरार
➤ झारखंड से अफीम लाकर दिल्ली-हरियाणा के अखाड़ों में पहलवानों को करता था सप्लाई
➤ कोर्ट ने 6 दिसंबर 2023 को घोषित किया था अपराधी, अमित पर दर्ज हैं 6 आपराधिक मामले
रोहतक के नेशनल मेडलिस्ट पूर्व रेसलर अमित श्योराण (31) को ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और झारखंड पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे दबोचा। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि अमित झारखंड से अफीम लाकर दिल्ली और हरियाणा के अखाड़ों में पहलवानों को सप्लाई करता था। इस नेटवर्क में झारखंड के राजेश नाग का नाम भी सामने आया है, जिसे झारखंड पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
अमित श्योराण ने वर्ष 2013 में नेशनल कैडेट कुश्ती प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। कुश्ती में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के बाद उसने खेल छोड़ दिया और बाद में नशे के धंधे से जुड़ गया। उसके खिलाफ झारखंड के धुर्वा थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज है। 6 दिसंबर 2023 को कोर्ट ने उसे अपराधी घोषित किया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमित श्योराण पर हत्या, हत्या की साजिश, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मेट्रो स्टेशन के पास घेराबंदी कर पकड़ा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि अमित रानीबाग-पीतमपुरा एरिया से आने-जाने वाला है। जानकारी मिली थी कि वह यहां अपने किसी रिश्तेदार से मिलने वाला था। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
18 अगस्त की रात करीब 10 बजे मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन के पास पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर दी। अमित जैसे ही वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने अमित को झारखंड पुलिस को सौंप दिया।
2008 में शुरू की थी कुश्ती, 2013 में जीता नेशनल मेडल
अमित श्योराण का जन्म 1994 में रोहतक के एक साधारण परिवार में हुआ था। उसने महज 14 साल की उम्र में वर्ष 2008 में कुश्ती शुरू की। इसके बाद उसने कई वर्षों तक लगातार प्रैक्टिस की और कई स्टेट व नेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अमित ने 2013 में कन्याकुमारी में हुई नेशनल कैडेट रेसलिंग चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया था। इस उपलब्धि के साथ उसने राष्ट्रीय स्तर पर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
नेशनल लेवल पर सफलता हासिल करने के बाद भी अमित ने कुछ समय तक कुश्ती जारी रखी। बाद में उसने कुश्ती छोड़ दी और दिल्ली के बार और नाइट क्लब में बाउंसर की नौकरी करने लगा।
ज्यादा पैसे के लालच में ड्रग नेटवर्क से जुड़ा
पुलिस के अनुसार, बाद में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में अमित ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़ गया। इस दौरान वह सबसे पहले रंजीत नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया। रंजीत ने ही उसे रांची में अफीम तस्करों से मिलवाया।
इसके बाद अमित ने रांची से अफीम खरीदकर उसे हरियाणा और दिल्ली के अखाड़ों में सप्लाई करना शुरू कर दिया। पुलिस की पूछताछ में उसके ड्रग नेटवर्क से जुड़ी यह कहानी सामने आई है।
अमित को अफीम की सप्लाई करने वाले तस्कर के तौर पर राजेश नाग का नाम सामने आया है। मामले में राजेश को 20 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, राजेश के पास से उस समय 492 ग्राम अफीम बरामद हुई थी।
अमित पर हत्या से लेकर NDPS एक्ट तक 6 केस
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमित श्योराण पर कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या की साजिश, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।
झारखंड के धुर्वा थाने में NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामले में कोर्ट ने 6 दिसंबर 2023 को उसे अपराधी घोषित किया था। इसके बाद से वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। करीब 3 साल तक फरार रहने के बाद आखिरकार दिल्ली में उसे पकड़ लिया गया।
अखाड़ों में स्टैमिना बढ़ाने के लिए अफीम लेने की बात आई सामने
अमित से पुलिस पूछताछ के दौरान रोहतक और दिल्ली के नामी अखाड़ों से जुड़ी एक और जानकारी सामने आई है। पूछताछ में बताया गया कि प्रशिक्षण के दौरान कई पहलवान अपनी क्षमता और प्रैक्टिस का समय बढ़ाने के लिए अफीम का सेवन करते थे।
अमित ने पुलिस को बताया कि वह इन्हीं अखाड़ों में अफीम की सप्लाई करता था। इस नेटवर्क के जरिए वह झारखंड से लाई गई अफीम को पहलवानों तक पहुंचाता था।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि स्टेट और नेशनल लेवल पर मेडल जीतने के बाद भी अमित का रेलवे में नौकरी पाने का सपना अधूरा रह गया। इसके बाद उसने अखाड़ों में अफीम सप्लाई करने का रास्ता अपना लिया।
एक समय राष्ट्रीय स्तर पर ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले अमित श्योराण का खेल से नशे के कारोबार तक पहुंचने का यह सफर अब पुलिस जांच का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद उसे झारखंड पुलिस को सौंप दिया गया है और उसके खिलाफ दर्ज मामलों में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
pooja