हिम केयर में मर्दों की बच्चेदानी के कर दिए ऑपरेशन: CM सुक्खू
हिमाचल CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा के राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों पर पलटवार करते हुए हिम केयर योजना को लेकर ‘मर्दों की बच्चेदानी के ऑपरेशन’ वाला बयान दिया। उन्होंने पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया और राजीव गांधी की नीतियों पर भी सरकार का पक्ष रखा।
➤ हिम केयर को लेकर CM सुक्खू का BJP पर तीखा पलटवार
➤ बोले- हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ
➤ राजीव गांधी की सोच को बताया सरकार के लिए मार्गदर्शक
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष रखा। इस दौरान भाजपा की ओर से सरकार पर लगाए जा रहे राजनीतिक बदले की भावना, भर्ती प्रक्रिया, भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों पर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। इसी दौरान हिम केयर योजना को लेकर मुख्यमंत्री का एक बयान चर्चा में आ गया, जिसमें उन्होंने सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों के संदर्भ में कहा कि हिम केयर में मर्दों की बच्चेदानी के ऑपरेशन कर दिए गए।
मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय सामने आया जब वह अपनी सरकार के कामकाज और भाजपा के आरोपों पर जवाब दे रहे थे। सुक्खू ने भाजपा के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश की संपदा और संसाधनों की रक्षा करना है और यदि किसी ने प्रदेश को नुकसान पहुंचाया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक पहचान देखकर नहीं रोकी जा सकती।
हिम केयर को लेकर CM का तीखा तंज
मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए हिम केयर का जिक्र किया और कहा कि इस योजना में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन पर सवाल उठते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि “मर्दों की बच्चेदानी के ऑपरेशन कर दिए।”
यही बयान अब मुख्यमंत्री के पूरे बयान का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मुख्यमंत्री द्वारा जिस संदर्भ में यह बात कही गई, उसका विस्तृत रिकॉर्ड या संबंधित मामलों का अलग-अलग विवरण सामने नहीं दिया गया है। मुख्यमंत्री का बयान भाजपा के आरोपों के जवाब के रूप में सामने आया।
बदले की भावना से कार्रवाई के आरोप नकारे
मुख्यमंत्री ने भाजपा द्वारा लगाए जा रहे राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों को साफ तौर पर खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद किसी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाना नहीं, बल्कि प्रदेश की संपदा और संसाधनों की रक्षा करना है।
दरअसल, भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और डॉ. जनक राज को विजिलेंस ने पूछताछ के लिए बुलाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई मामलों की जांच चल रही है और आने वाले समय में और दस्तावेज सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार को समाप्त करने के अपने संकल्प पर मजबूती से काम कर रही है।
बोले- हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं
भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पेपर लीक मामलों में कड़ी कार्रवाई की है। अनियमितताओं के बाद हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर को भंग किया गया और दोषियों को जेल भेजा गया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में बड़े स्तर पर भर्तियां की जा रही हैं और दिसंबर में इसका पूरा ब्योरा जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक का कोई मामला सामने नहीं आया है।
सुक्खू ने कहा कि सरकार ने किसी दबाव के आगे झुकने से इनकार किया है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया।
भर्ती में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के अंक होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों के अंक अंतिम मेरिट में शामिल किए जाएंगे। उनके अनुसार इससे योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिलेगा और सिफारिश तथा पक्षपात की संभावना कम होगी।
उन्होंने कहा कि यही व्यवस्था डॉक्टरों समेत अन्य भर्तियों में भी लागू की गई है, ताकि चयन योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर हो सके।
राजीव गांधी की सोच को बताया सरकार का मार्गदर्शक
मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच और नीतियां आज भी राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से राजीव गांधी की जयंती को सद्भावना दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया।
सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए। उन्होंने मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करने को युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में राजीव गांधी की भूमिका का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार आज हिमाचल प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी लगभग 54 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
68 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों का काम
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 68 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। इन्हें आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सरकारी विद्यालयों के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में सरकारी स्कूलों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी का सपना था कि ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ काम कर रही है। डे-बोर्डिंग स्कूलों में बेहतर शिक्षा के साथ छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ाने का दावा
मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी प्राकृतिक खेती योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
सुक्खू के अनुसार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गेहूं के लिए 80 रुपये प्रति किलो, मक्की के लिए 50 रुपये प्रति किलो, अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलो और हल्दी के लिए लगभग 150 रुपये प्रति किलो का मूल्य दिया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना राज्य सरकार की पहल है और केंद्र सरकार की किसी योजना का हिस्सा नहीं है। हमीरपुर दौरे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने किसानों से 80 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं खरीदा और करीब 23 लाख रुपये सीधे उनके बैंक खातों में जमा करवाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्राकृतिक खेती से संबंधित उत्तर भारत की पहली टेस्टिंग लैब हमीरपुर में स्थापित की गई है, जहां वैज्ञानिक आधार पर कृषि उत्पादों की जांच की जाएगी।
हिमाचल के अधिकारों के लिए दिल्ली जाएंगे सुक्खू
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी विभिन्न मुद्दों पर रणनीति तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र के बाद वह दिल्ली जाकर हिमाचल के लंबित वित्तीय और अन्य अधिकारों के मुद्दे केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे।
मुख्यमंत्री ने BBMB और किशाऊ बांध से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि निर्णय हिमाचल के पक्ष में आता है तो प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 1,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य पिछले करीब 15 वर्षों से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है और इसके लिए वरिष्ठ वकीलों की टीम भी तैयार की गई है।
मानसून सत्र में विपक्ष को बहस की चुनौती
विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर सुक्खू ने कहा कि पिछले लगभग 20 वर्षों में यह पहला अवसर है जब मानसून सत्र 10 दिनों तक चलेगा। उन्होंने विपक्ष पर सदन में मुद्दों पर चर्चा से बचने और वॉकआउट की राजनीति करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित भाजपा विधायकों से तथ्यों के साथ सदन में आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है।
सुक्खू ने कहा कि सरकार के पास कई मामलों में दस्तावेजी प्रमाण हैं और प्रस्तावित व्हाइट पेपर के माध्यम से जनता के सामने तथ्य रखे जाएंगे।
सोशल मीडिया पर तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की अपील
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और वेब पोर्टलों के माध्यम से फैल रही कथित फर्जी खबरों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पत्रकार सरकार की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर FIR सरकार द्वारा दर्ज नहीं करवाई जाती, बल्कि आम नागरिक भी कानून के तहत शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से बढ़ती ब्लैकमेलिंग की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की।
पूरे बयान के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कामकाज का बचाव किया और भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार की नीतियों और फैसलों को जनता के सामने रखा।
Akhil Mahajan