See Video: महिला दारोगा को सोशल मीडिया पर 'बोल्ड वीडियो' बनाना पड़ा भारी! सस्पेंड
मेरठ की महिला दरोगा अनु रानी को सोशल मीडिया पर पुलिस नियमावली के विपरीत वीडियो पोस्ट करने के मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। पिछले 6 महीने से वीडियो सामने आने के बाद मेरठ एसएसपी ने संज्ञान लिया और विभागीय जांच बैठा दी।
➤ इंस्टाग्राम पर पिछले 6 महीने से लगातार सामने आ रहे थे वीडियो
➤ मेरठ एसएसपी ने पुलिस नियमावली के विपरीत गतिविधियों का लिया संज्ञान
➤ अनु रानी को सस्पेंड कर विभागीय जांच बैठाई गई
मेरठ में सोशल मीडिया पर पुलिस नियमावली के विपरीत वीडियो पोस्ट करने के मामले में महिला दरोगा अनु रानी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बताया गया है कि पिछले करीब 6 महीने से लगातार उनके वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ रहे थे, जिनमें अंग प्रदर्शन को लेकर सवाल उठ रहे थे। मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद मेरठ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीरता से लिया और महिला दरोगा को सस्पेंड कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, अनु रानी के इंस्टाग्राम अकाउंट से लगातार ऐसे वीडियो सामने आ रहे थे, जिन्हें पुलिस विभाग की नियमावली और विभागीय आचरण के विपरीत माना गया। पिछले छह महीनों से सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों को लेकर चर्चा चल रही थी। मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इसका संज्ञान लिया और पूरे प्रकरण में विभागीय स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
छह महीने से लगातार सामने आ रहे थे वीडियो
बताया जा रहा है कि महिला दरोगा के सोशल मीडिया अकाउंट पर पिछले 6 महीने से लगातार वीडियो पोस्ट किए जा रहे थे। इन वीडियो में उनके पहनावे और अंग प्रदर्शन को लेकर आपत्तियां जताई जा रही थीं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामला धीरे-धीरे पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा।
पुलिस विभाग में तैनात होने के कारण सोशल मीडिया पर किसी कर्मचारी की सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर विभागीय नियम और आचरण भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी आधार पर अधिकारियों ने महिला दरोगा के सोशल मीडिया वीडियो का संज्ञान लिया।
मेरठ एसएसपी ने लिया संज्ञान
मामले की जानकारी मेरठ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तक पहुंचने के बाद उन्होंने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो को पुलिस नियमावली के विपरीत माना गया।
इसके बाद अनु रानी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही मामले की वास्तविक स्थिति और विभागीय नियमों के उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की जांच के लिए विभागीय जांच भी बैठा दी गई है।
अब विभागीय जांच में सामने आएगी पूरी स्थिति
सस्पेंशन के बाद अब विभागीय जांच के जरिए पूरे मामले के अलग-अलग पहलुओं को देखा जाएगा। जांच में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो, उनकी प्रकृति और विभागीय नियमों के तहत उनकी स्थिति की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल कार्रवाई का आधार सोशल मीडिया पर सामने आए वे वीडियो बताए जा रहे हैं, जिन्हें पुलिस नियमावली के विपरीत माना गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर विभागों में लगातार सतर्कता बढ़ाई जा रही है। वर्दी या पुलिस सेवा से जुड़ी पहचान के साथ सोशल मीडिया पर की जाने वाली सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर विभागीय आचरण के नियम लागू होते हैं।
Akhil Mahajan