ब्यूटी पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 3 महिलाएं समेत 6 लोग हिरासत में
मेरठ के टीपीनगर में ब्यूटी पार्लर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ कर 6 लोगों को हिरासत में लिया, मामले की जांच जारी है।
■ ब्यूटी पार्लर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़
■ पुलिस छापेमारी में 3 महिलाएं समेत 6 लोग हिरासत में
■ आपत्तिजनक सामान बरामद, पूरे नेटवर्क की जांच शुरू
ब्यूटी पार्लर की आड़ में चल रहे कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली रोड स्थित शारदा प्लाजा में यह अवैध गतिविधि लंबे समय से संचालित होने की सूचना मिल रही थी। सोमवार देर शाम एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर इस पूरे मामले का खुलासा किया।
जानकारी के अनुसार, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के थाना प्रभारी रविंद्र सिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बहादुर मोटर के पास स्थित एक ब्यूटी पार्लर में अनैतिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने क्षेत्राधिकारी सौम्या अस्थाना को अवगत कराया। इसके बाद उनके निर्देशन में पुलिस की दो टीमें गठित की गईं और छापेमारी की रणनीति तैयार की गई।
पुलिस टीम ने जैसे ही पार्लर पर दबिश दी, अंदर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। मौके से पुलिस ने तीन महिलाओं और तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां ब्यूटी पार्लर की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है, जिससे इस रैकेट के संचालन की पुष्टि होती है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि यह नेटवर्क कब से चल रहा था और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता है।
क्षेत्राधिकारी सौम्या अस्थाना ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में इस तरह की अवैध गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। आसपास के लोगों में भी इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। यह मामला मेरठ का है।
Akhil Mahajan