तेज अंधड़ में क्रेन पलटी, 2 की मौत: जेवर एयरपोर्ट फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर हादसा, 2 मजदूर अब भी दबे; 11 जिलों में तूफान-बारिश
फरीदाबाद में जेवर एयरपोर्ट फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर अंधड़ के दौरान क्रेन पलटने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो मजदूरों का रेस्क्यू अभियान जारी है।
- फरीदाबाद में जेवर एयरपोर्ट फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर क्रेन पलटने से 2 मजदूरों की मौत
- हादसे में 8 मजदूर प्रभावित, 4 को सुरक्षित निकाला गया, 2 का रेस्क्यू जारी
- हरियाणा के कई जिलों में 50-60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी-बारिश
हरियाणा में गुरुवार को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। मौसम के बदले मिजाज के बीच फरीदाबाद जिले में एक बड़ा हादसा हो गया। पनहेड़ा खुर्द गांव के पास जेवर एयरपोर्ट से जुड़े फ्लाईओवर निर्माण कार्य के दौरान एक भारी क्रेन अचानक असंतुलित होकर मजदूरों के रहने के लिए बनाए गए कंटेनर पर पलट गई।
हादसे के समय वहां कई मजदूर मौजूद थे। क्रेन गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मजदूर कंटेनर के नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, निर्माण कंपनी के कर्मचारी, स्थानीय ग्रामीण और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंच गईं। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में दो मजदूरों के शव बाहर निकाले गए, जबकि चार मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया। दो अन्य मजदूर अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए अभियान जारी है।
मौके पर एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। बचाव दल भारी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से कंटेनर और क्रेन को हटाने का प्रयास करता रहा। देर रात तक राहत एवं बचाव कार्य जारी था।
मजदूरों के अनुसार गुरुवार दोपहर क्षेत्र में तेज बारिश हुई थी, जिससे निर्माण स्थल पर काफी कीचड़ और फिसलन हो गई थी। बारिश के चलते कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रोक दिया गया था। मौसम सामान्य होने के बाद दोबारा काम शुरू किया गया। इसी दौरान गार्डर उठाने का कार्य चल रहा था कि अचानक तेज अंधड़ के कारण क्रेन का संतुलन बिगड़ गया और वह कंटेनर पर जा गिरी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के दौरान करीब आठ मजदूर प्रभावित हुए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चार मजदूर सीधे क्रेन और कंटेनर के नीचे दब गए थे। रेस्क्यू के दौरान दो मजदूरों को मृत अवस्था में निकाला गया, जबकि चार अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया। दो मजदूरों की तलाश और उन्हें निकालने का कार्य अभी भी जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण जमीन काफी नरम और दलदली हो गई थी। ऐसे में क्रेन का संतुलन बिगड़ने की आशंका बढ़ गई थी। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
उधर, हादसे की गंभीरता को देखते हुए सीएम ऑफिस ने भी जिला प्रशासन से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है। प्रशासन ने जांच के आदेश देते हुए सभी पहलुओं की समीक्षा शुरू कर दी है।
इस बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। फरीदाबाद, फतेहाबाद, पलवल, गुरुग्राम, रेवाड़ी और कैथल में बारिश हुई। वहीं गुरुग्राम और हिसार में तेज अंधड़ से जनजीवन प्रभावित रहा। शाम के समय भिवानी, नारनौल, पंचकूला, अंबाला और सिरसा के रानियां क्षेत्र में भी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने दादरी, भिवानी, झज्जर, रोहतक, हिसार, फतेहाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल, यमुनानगर, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र और अंबाला समेत कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
Akhil Mahajan