दिल्ली होटल अग्निकांड में जान गंवाने वाले गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के पांचों सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार
दिल्ली होटल अग्निकांड में जान गंवाने वाले गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के पांचों सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। हादसे ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया है।
- दिल्ली होटल अग्निकांड में जान गंवाने वाले गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के पांचों सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार
- CA विवेक अग्रवाल, पत्नी तर्जनी, मां और दोनों बेटियों को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
- बीमार पिता से मिलने दिल्ली गया परिवार हादसे का शिकार, पूरे गुरुग्राम में शोक की लहर
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के पांचों सदस्यों का गुरुवार को एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। सेक्टर-32 श्मशान घाट में हुए अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों की आंखें नम थीं। एक साथ पांच चिताएं जलती देख हर कोई भावुक हो उठा।
हादसे में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल और दोनों बेटियों जीविशा तथा वारिया की मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार में विवेक को उनके चचेरे भाई, तर्जनी को उनके भाई, प्रेमलता को देवर और दोनों बेटियों को चचेरे भाइयों ने मुखाग्नि दी।
जानकारी के अनुसार अग्रवाल परिवार मंगलवार को दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती परिवार के मुखिया राधेश्याम अग्रवाल का हालचाल जानने पहुंचा था। राधेश्याम अग्रवाल की हालत गंभीर बताई जा रही है और वे अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। परिवार अस्पताल के पास स्थित होटल में ठहरा हुआ था, जहां आग लगने के बाद यह दर्दनाक हादसा हुआ।
पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पांचों शवों को गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से सभी पार्थिव शरीरों को सेक्टर-32 श्मशान घाट ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
इस घटना ने पूरे गुरुग्राम को झकझोर दिया है। पड़ोसियों के अनुसार विवेक अग्रवाल बेहद मिलनसार और मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे। वहीं उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती थीं। वे इवेंट मैनेजमेंट से जुड़ी थीं और वंचित बच्चों के लिए एक एनजीओ भी संचालित करती थीं।
तर्जनी अग्रवाल को वर्ष 2023 में मिसेज इंडिया का खिताब भी मिल चुका था। वे मॉडलिंग और सामाजिक गतिविधियों के लिए जानी जाती थीं। परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि तर्जनी अपने परिवार और बेटियों से बेहद जुड़ी हुई थीं।
हादसे की सबसे भावुक कहानी परिवार की बड़ी बेटी जीविशा से जुड़ी है, जो बेंगलुरु में पढ़ाई कर रही थी। दादा की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर वह दिल्ली पहुंची थी। परिवार अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग की सेहत को लेकर चिंतित था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
परिजनों के अनुसार आग लगने के दौरान विवेक अग्रवाल ने अपने रिश्तेदार को फोन कर बेटियों को बचाने की गुहार लगाई थी। हालांकि आग और धुएं के बीच पूरा परिवार जिंदगी की जंग हार गया। इस हादसे के बाद गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित उनके घर में सन्नाटा पसरा हुआ है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
Akhil Mahajan