हरियाणवी छोरे का पाकिस्तान पर कहर! अभिषेक नैन के 2 धमाकेदार गोल से भारत टॉप-8 में, खुद बने दुनिया के टॉप-5 स्कोरर

सोनीपत के अभिषेक नैन ने हॉकी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ दो फील्ड गोल दागकर भारत की 5-3 की जीत में अहम भूमिका निभाई। भारत टॉप-8 में पहुंचा और अभिषेक टॉप-5 गोल स्कोररों में शामिल हुए।

हरियाणवी छोरे का पाकिस्तान पर कहर! अभिषेक नैन के 2 धमाकेदार गोल से भारत टॉप-8 में, खुद बने दुनिया के टॉप-5 स्कोरर

अभिषेक नैन ने पाकिस्तान के खिलाफ 11वें और 24वें मिनट में दागे दो फील्ड गोल
भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर वर्ल्ड कप के टॉप-8 में बनाई जगह
दो गोल के बाद अभिषेक वर्ल्ड कप के टॉप-5 गोल स्कोररों में शामिल


हॉकी वर्ल्ड कप के सबसे बड़े मुकाबलों में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर टूर्नामेंट के टॉप-8 में जगह पक्की कर ली। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में सोनीपत के स्टार फॉरवर्ड अभिषेक नैन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो फील्ड गोल दागे और भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। नीदरलैंड के वाघनर स्टेडियम में खेले गए पूल-डी के मुकाबले में अभिषेक ने 11वें और 24वें मिनट में गोल कर पाकिस्तान की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा। दूसरी ओर पाकिस्तान का वर्ल्ड कप अभियान इसी हार के साथ समाप्त हो गया।

भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। पांचवें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 11वें मिनट में अभिषेक नैन ने शानदार फील्ड गोल करते हुए भारत की बढ़त 2-0 कर दी। अभिषेक की तेजी और पाकिस्तान के डी में गेंद के साथ तेजी से प्रवेश करने की क्षमता ने भारतीय आक्रमण को लगातार खतरनाक बनाए रखा।

पाकिस्तान के एक खिलाड़ी को नौवें मिनट में ग्रीन कार्ड मिलने के बाद भारत को दबाव बनाने का मौका मिला। भारतीय टीम ने इसका पूरा फायदा उठाया। 21वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत की बढ़त को और मजबूत किया। पाकिस्तान ने इसके बाद एक गोल कर अंतर कम किया, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव कम नहीं होने दिया।

24वें मिनट में अभिषेक का दूसरा गोल, भारत 4-1 से आगे

मुकाबले के 24वें मिनट में अभिषेक नैन ने एक बार फिर पाकिस्तान के डी में तेजी से प्रवेश किया और शानदार फील्ड गोल दाग दिया। यह उनका मैच का दूसरा गोल था। इस गोल के साथ भारत ने 4-1 की बढ़त हासिल कर ली। अभिषेक के दोनों गोलों ने पाकिस्तान की रक्षापंक्ति को लगातार दबाव में रखा।

भारत की ओर से पांचवां गोल हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक से किया। इस तरह भारत के पांच गोलों में हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक नैन के दो-दो गोल रहे, जबकि हार्दिक सिंह ने एक गोल किया। आखिरकार भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर पूल-डी में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।

भारत टॉप-8 में, पाकिस्तान का वर्ल्ड कप सफर खत्म

इस जीत के साथ भारत ने पूल-डी में तीन मैचों से छह अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले चरण में प्रवेश किया। भारत ने टूर्नामेंट में अपना दूसरा मुकाबला जीता। वहीं पाकिस्तान तीन मैचों में एक अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा और वर्ल्ड कप से बाहर हो गया।

भारत की इस जीत में अभिषेक नैन की भूमिका खास रही। पाकिस्तान के खिलाफ दो गोल करने के बाद उनका नाम टूर्नामेंट के टॉप गोल स्कोररों की सूची में भी पहुंच गया है।

हरमनप्रीत टॉप स्कोरर, अभिषेक भी टॉप-5 में

पाकिस्तान के खिलाफ दो गोल करने के बाद अभिषेक नैन वर्ल्ड कप के शीर्ष गोल स्कोररों की सूची में टॉप-5 में शामिल हो गए हैं। कप्तान हरमनप्रीत सिंह पांच गोल के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर हैं। वेल्स के गैरेथ फर्लोंग चार गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

अभिषेक का लगातार गोल करना भारतीय टीम के लिए अगले दौर में बड़ी ताकत माना जा रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ उनके दो गोल ने न सिर्फ भारत की जीत में योगदान दिया, बल्कि टूर्नामेंट में उनकी व्यक्तिगत स्थिति को भी मजबूत किया है।

एशिया कप में भी रहे थे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

अभिषेक नैन का मौजूदा प्रदर्शन अचानक सामने नहीं आया है। 2025 एशिया कप में उन्होंने छह गोल किए थे और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। वर्ल्ड कप से पहले FIH ने भी उन्हें भारत के महत्वपूर्ण अटैकिंग खिलाड़ियों में शामिल किया था।

FIH ने उनकी तेजी, स्किल और गोल करने की क्षमता को भारतीय टीम के लिए अहम बताया था। अब पाकिस्तान के खिलाफ दो गोल कर अभिषेक ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से इसे साबित किया है।

पाकिस्तान के खिलाफ लगातार शानदार रिकॉर्ड

अभिषेक नैन ने इस साल भी पाकिस्तान के खिलाफ अपनी निरंतरता कायम रखी है। जून 2026 में FIH प्रो लीग के लंदन चरण में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया था। उस मुकाबले में भी अभिषेक ने 22वें मिनट में गोल किया था।

अब वर्ल्ड कप के मुकाबले में दो गोल दागकर उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अपने प्रदर्शन को और मजबूत कर दिया है। भारत की पाकिस्तान पर जीत के सिलसिले में भी यह मुकाबला अहम रहा।

सोनीपत के लिए फिर गर्व का पल

सोनीपत में जन्मे अभिषेक नैन भारतीय हॉकी के प्रमुख फॉरवर्ड के रूप में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं। हॉकी इंडिया के अनुसार वह अब 135 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और 54 गोल कर चुके हैं। उन्हें 2024 में अर्जुन अवॉर्ड भी मिला था।

पेरिस ओलिंपिक में भारतीय हॉकी टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले सोनीपत के युवा हॉकी खिलाड़ी अभिषेक मयूर विहार गली नंबर 25 के रहने वाले हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

अभिषेक नैन का जीवन संघर्ष, लगन और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक कहानी है। बचपन से हॉकी के प्रति उनके जुनून ने उन्हें कई चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूर किया, लेकिन चोट और मुश्किलों के बावजूद उन्होंने खेल को नहीं छोड़ा।

11 साल की उम्र में पेड़ से गिरकर लगी चोट

अभिषेक के बचपन से ही संघर्ष की शुरुआत हो गई थी। 11 साल की छोटी उम्र में वह जामुन के पेड़ से गिरकर घायल हो गए थे। उन्हें काफी गहरी चोट लगी थी। हालत यह थी कि डॉक्टर ने उन्हें हॉकी खेलने से मना कर दिया था।

लेकिन अभिषेक ने जिद, जुनून और संघर्ष की सोच के साथ हार नहीं मानी। परिजनों के मना करने के बाद भी उन्होंने हॉकी के मैदान को नहीं छोड़ा। परिजनों के अनुसार करीब 10 टांके आने के बाद भी वह हॉकी स्टिक लेकर अभ्यास के लिए जाते थे।

कोच शमशेर ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

चोट लगने के बाद परिजनों ने अभिषेक को हॉकी खेलने से पूरी तरह मना कर दिया था। लेकिन अभिषेक किसी भी सूरत में अपने खेल को छोड़ना नहीं चाहते थे। ऐसे समय में उनके कोच शमशेर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कोच शमशेर ने अभिषेक के घरवालों को समझाया और दोबारा उनका हॉकी का खेल शुरू करवाया। इसके बाद अभिषेक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार अपने खेल को बेहतर करते चले गए।

2016 में टूटा था वर्ल्ड कप खेलने का सपना

अभिषेक के करियर में ऐसा दौर भी आया जब 2016 में उन्हें जूनियर शिविर में शामिल नहीं किया गया। उस समय उनका विश्व कप खेलने का सपना टूट गया था। इससे उनका मन भी डगमगा गया था।

लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपना लक्ष्य निर्धारित किया और लगातार खेलते रहे। अपने बचपन के सपने को लेकर वह प्रतिदिन ट्रेन में सवार होकर सफर करते थे। कड़े संघर्ष के बाद उन्होंने अपने सपने को ओलिंपिक में खेलने की उपलब्धि में बदल दिया।

छात्रावास में रहकर ओलिंपिक तक पहुंचाया सफर

सोनीपत के सीआरजेड स्कूल के छात्रावास में रहकर अभिषेक ने अपने हॉकी सफर को आगे बढ़ाया और इसे ओलिंपिक तक पहुंचाया। पांचवीं कक्षा में पढ़ाई के साथ-साथ वह खेल भी कर रहे थे। इसी दौरान राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के मुकाबले में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीन स्टिक तोड़ दी थीं।

उस दौरान अभिषेक नैन के खेल ने हर किसी को प्रभावित किया था। उनके प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और धीरे-धीरे वह हॉकी के मैदान में अपनी अलग पहचान बनाने लगे।

हरियाणवी संस्कृति और चूरमे से आज भी खास लगाव

अभिषेक नैन ने अपने हरियाणवी होने के गर्व को कभी नहीं भुलाया। वह हरियाणवी संस्कृति और खान-पान को हमेशा प्रमोट करते हैं। खान-पान को लेकर वह काफी चटोरे हैं और चूरमे के शौकीन हैं।

जिला स्तरीय प्रतियोगिता से लेकर ओलिंपिक तक का सफर तय करने वाले अभिषेक जब घर पहुंचते थे तो सबसे पहले मां से कहकर चूरमा बनवाकर खाते थे। अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पहचान बनाने के बावजूद अपनी मिट्टी, संस्कृति और घर के स्वाद से उनका जुड़ाव आज भी कायम है।

पिछले 10 साल से पाकिस्तान पर भारत का दबदबा

भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार छठी जीत दर्ज की। पिछले करीब एक दशक में दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबलों में भारत का पलड़ा भारी रहा है। पाकिस्तान ने आखिरी बार 2016 के साउथ एशियन गेम्स के फाइनल में भारत को हराया था।

इस बार भी मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली और पाकिस्तान को लगातार दबाव में रखा। हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक नैन के दो-दो गोल तथा हार्दिक सिंह के पेनल्टी स्ट्रोक से किए गए गोल की बदौलत भारत ने 5-3 से जीत हासिल की।

सोनीपत के अभिषेक नैन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दो गोल दागकर भारत को महत्वपूर्ण जीत दिलाने में योगदान दिया। वर्ल्ड कप के टॉप-5 गोल स्कोररों में जगह बनाने वाले अभिषेक की कहानी यह भी बताती है कि चोट, असफलता और मुश्किलों के बावजूद लगातार मेहनत करने वाला खिलाड़ी किस तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।