हरियाणा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ठगी का शक; 21 हिरासत में, 4 मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पंचकूला साइबर थाना पुलिस ने सेक्टर-2 में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। 21 लोगों को हिरासत में लिया गया जबकि 4 मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुए। अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की साइबर ठगी की आशंका।

हरियाणा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ठगी का शक; 21 हिरासत में, 4 मुख्य आरोपी गिरफ्तार

➤ अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे निशाना
➤ 11.30 लाख नकद समेत भारी सामान बरामद
➤ अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी


पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में साइबर थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए सेक्टर-2 मार्केट स्थित एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 21 लोगों को हिरासत में लिया, जबकि चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।

गुप्त सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि सेक्टर-2 मार्केट में संचालित एक कार्यालय से विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिका के लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी की जा रही है। सूचना के आधार पर साइबर थाना टीम ने सोमवार देर रात छापा मारा और मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया।

चार मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नवदीप, अक्षय टिक्कू, रजा और अंकुर कपूर को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ साइबर धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

छापेमारी में क्या-क्या मिला

पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की है। बरामद सामान में:

  • 19 कंप्यूटर
  • 3 लैपटॉप
  • 11.30 लाख रुपए नकद
  • 3 वॉकी-टॉकी
  • 16 हेडसेट
  • 2 वाई-फाई राउटर
  • नोट गिनने की मशीन
  • 3 पीओएस मशीनें
  • सोने के आभूषण

शामिल हैं। पुलिस इन सभी उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है।

अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को फोन करते थे। बातचीत के दौरान वे लोगों को विभिन्न बहानों में उलझाकर उनके क्रेडिट कार्ड, बैंक खाते और अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद खातों से रकम निकालकर ठगी को अंजाम दिया जाता था।

अमेरिकी समय के हिसाब से चलता था कॉल सेंटर

जांच में यह भी सामने आया है कि कॉल सेंटर का संचालन अमेरिकी समयानुसार किया जाता था। कार्यालय शाम करीब 7 बजे खुलता था और देर रात 3 बजे तक गतिविधियां चलती थीं। इससे स्पष्ट होता है कि गिरोह सीधे विदेशी ग्राहकों को निशाना बना रहा था।

करोड़ों की ठगी की आशंका

पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बनाया और कुल कितनी रकम की ठगी की गई। शुरुआती जांच में ठगी का आंकड़ा करोड़ों रुपए तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच

साइबर थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क के तार विदेशों या देश के अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं या नहीं। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।