पानीपत DGFT ऑफिस में रिश्वत लेते सहायक निदेशक गिरफ्तार: CBI ने ₹30 हजार लेते रंगे हाथों दबोचा, फाइल पास कराने के लिए मांगी थी घूस

पानीपत के DGFT कार्यालय में सहायक निदेशक को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते CBI ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। फाइल पास कराने के बदले घूस मांगने का आरोप है।

पानीपत DGFT ऑफिस में रिश्वत लेते सहायक निदेशक गिरफ्तार: CBI ने ₹30 हजार लेते रंगे हाथों दबोचा, फाइल पास कराने के लिए मांगी थी घूस

DGFT कार्यालय में सहायक निदेशक पर रिश्वत मांगने का आरोप
₹30 हजार लेते CBI ने जाल बिछाकर रंगे हाथों पकड़ा
कार्यालय और अन्य ठिकानों पर तलाशी, दस्तावेज व डिजिटल उपकरण जब्त


हरियाणा के पानीपत में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने संयुक्त विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) कार्यालय में तैनात एक सहायक निदेशक को कथित रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी ने एक व्यवसायी की फाइल में पाई गई कमियों को दूर करने और उसे आगे की प्रक्रिया के लिए स्वीकृत कराने के बदले 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले का सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआई की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आरोपी अधिकारी के खिलाफ 19 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने सीबीआई से संपर्क कर आरोप लगाया था कि पानीपत स्थित डीजीएफटी कार्यालय में तैनात सहायक निदेशक उसके ग्राहक की निर्यात संवर्धन पूंजीगत वस्तु योजना से जुड़ी अनुपालन फाइल की समीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान अधिकारी ने फाइल में पाई गई त्रुटियों को दूर करने और उसे आगे की प्रक्रिया के लिए स्वीकृत कराने के एवज में 30 हजार रुपए की मांग की।

CBI कार्रवाई के बाद DGFT कार्यालय में पसरा सन्नाटा।

शिकायत के बाद CBI ने किया सत्यापन

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि होने के बाद एजेंसी ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए पूरी कार्रवाई की योजना तैयार की। इसके बाद सीबीआई की विशेष टीम ने जाल बिछाया।

जैसे ही शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर आरोपी अधिकारी के पास पहुंचा और 30 हजार रुपए दिए, वहां पहले से मौजूद CBI टीम ने अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

पानीपत कार्यालय और अन्य ठिकानों पर तलाशी

आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उसके पानीपत स्थित कार्यालय परिसर के साथ-साथ अन्य संबंधित ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान मामले से जुड़े कई दस्तावेज, फाइलें और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं।

सीबीआई अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अधिकारी द्वारा कथित तौर पर रिश्वत की मांग किसी एक फाइल तक सीमित थी या इस तरह के अन्य मामलों में भी कोई भूमिका रही है।

अन्य कर्मचारियों और बिचौलियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

गिरफ्तार किए गए अधिकारी को सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाएगा। सीबीआई की ओर से रिमांड की मांग किए जाने की संभावना है, ताकि पूछताछ के जरिए मामले की पूरी कड़ी को समझा जा सके।

जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित रिश्वतखोरी के मामले में डीजीएफटी कार्यालय के अन्य कर्मचारी या कोई बिचौलिया शामिल था या नहीं। फिलहाल सीबीआई की कार्रवाई और आगे की जांच जारी है।