पानीपत में अमेरिका भेजने के नाम पर युवक से लाखों की ठगी

पानीपत में अमेरिका भेजने के नाम पर युवक से ₹20.75 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने डंकी रूट से भेजने, जेल और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस जांच में जुटी है।

पानीपत में अमेरिका भेजने के नाम पर युवक से लाखों की ठगी

अमेरिका भेजने के नाम पर युवक से ₹20.75 लाख की ठगी

हवाई सफर का झांसा देकर डंकी रूट से मेक्सिको बॉर्डर पार कराया

11 महीने अमेरिकी जेल में रहने के बाद भारत डिपोर्ट, आरोपी पर केस दर्ज


हरियाणा के पानीपत जिले में अमेरिका भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी और युवक की जान जोखिम में डालने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि एक कथित ट्रैवल एजेंट ने उसे 10 दिन में हवाई जहाज से अमेरिका पहुंचाने का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में डंकी रूट के जरिए जंगलों और पहाड़ों से होकर अवैध तरीके से सीमा पार कराई। पूरे मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार समालखा के गांव मनाना निवासी निशांत की मुलाकात एक रिश्तेदार के जरिए सेक्टर-18 निवासी कथित एजेंट नरेश कुमार से हुई थी। एजेंट ने दावा किया कि वह वैध तरीके से सीधे फ्लाइट के जरिए अमेरिका भेजेगा, जहां अच्छी नौकरी, पीआर और लाखों रुपये की सैलरी मिलेगी।

इन वादों पर भरोसा करते हुए पीड़ित परिवार ने अलग-अलग तारीखों में ₹20.75 लाख नकद एजेंट को सौंप दिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह रकम वीजा और अन्य कागजी प्रक्रिया के नाम पर ली गई थी।

पीड़ित के अनुसार 12 जून 2024 को उसे थाईलैंड भेजा गया। वहां पहुंचने पर पता चला कि उसके पास चीन और गुयाना का वीजा है। इसके बाद एजेंट के लोगों ने उसे कई देशों के रास्ते डंकी रूट से अमेरिका की ओर भेजा। इस दौरान उसे कई सौ किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रास्ते में उसके साथ मारपीट की गई, पैसे छीन लिए गए और विरोध करने पर जंगलों में छोड़ देने तथा जान से मारने की धमकियां दी गईं। पीड़ित का कहना है कि पूरी यात्रा बेहद खतरनाक परिस्थितियों में कराई गई।

निशांत ने बताया कि 25 अगस्त 2024 को मेक्सिको-अमेरिका बॉर्डर पर उसका मोबाइल छीन लिया गया और कथित तौर पर दीवार पार कराकर अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कराया गया। सीमा पार करते ही अमेरिकी पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद वह करीब 11 महीने तक जेल में रहा और बाद में 5 जुलाई 2025 को उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया।

पीड़ित का आरोप है कि जेल से छुड़ाने के नाम पर भी एजेंट ने परिवार से ₹1.15 लाख और वसूल लिए। भारत लौटने के बाद जब परिवार ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने कथित तौर पर धमकियां देनी शुरू कर दीं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने अपने प्रभाव का डर दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी और कथित तौर पर कुछ लोगों को घर भेजकर ₹12 लाख और देने का दबाव बनाया।

पीड़ित परिवार ने पुलिस को बैंक लेनदेन का रिकॉर्ड और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग वाली पेन ड्राइव भी सौंपी है। पानीपत एसपी के निर्देश पर समालखा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।