राघव चड्ढा का बड़ा बयान- खामोश कराया गया, लेकिन हारा नहीं AAP का पलटवार- जो मोदी से डर जाए
AAP सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राघव ने खुद को खामोश किए जाने की बात कही, जबकि AAP ने उन पर पलटवार किया।
■ उपनेता पद से हटने के बाद राघव चड्ढा का तीखा जवाब
■ AAP ने साधा निशाना, कहा- जो मोदी से डर जाए वो कैसे लड़ेगा
■ पार्टी में बढ़ी तनातनी, बयानबाजी से सियासत गरमाई
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सियासत तेज हो गई है। शुक्रवार को राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें खामोश कराया गया है, लेकिन वह हारे नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह संसद में हमेशा आम आदमी के मुद्दे उठाते रहे हैं और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। राघव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उनकी खामोशी को कमजोरी न समझा जाए, वह समय आने पर सैलाब बनकर सामने आएंगे।
राघव चड्ढा ने अपने वीडियो में सवाल उठाया कि क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसद में महंगे एयरपोर्ट खाने, डिलीवरी राइडर्स की समस्याएं, बैंक चार्जेस, टोल प्लाजा वसूली, मिडिल क्लास पर टैक्स और टेलीकॉम कंपनियों की नीतियों जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने यह भी पूछा कि इन मुद्दों को उठाने से पार्टी को क्या नुकसान हुआ, फिर उनके बोलने पर रोक क्यों लगाई जा रही है।
वहीं दूसरी ओर AAP ने राघव चड्ढा के बयान पर कड़ा पलटवार किया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि राघव सदन में गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय छोटे-छोटे मुद्दे उठाते थे, जैसे एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने की बात। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "अगर कोई मोदी से डर जाए, तो वो देश के लिए कैसे लड़ेगा"। इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राघव को “कंप्रोमाइज्ड” बताते हुए कहा कि पार्टी लाइन से हटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
दरअसल, AAP ने 2 अप्रैल को राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाकर उनकी जगह पंजाब से ही सांसद अशोक मित्तल को नियुक्त किया था। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह भी कहा कि राघव चड्ढा को सदन में पार्टी की ओर से बोलने का समय न दिया जाए। हालांकि, इस फैसले के पीछे की वजह आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई है।
राघव चड्ढा 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है। लेकिन पिछले कुछ समय से वह पार्टी गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे। यहां तक कि जब पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल जेल गए थे, उस समय राघव विदेश में थे और उन्होंने उस मुद्दे पर भी कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद AAP के भीतर आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं, जिससे आने वाले दिनों में पार्टी की राजनीति और भी दिलचस्प होने के संकेत मिल रहे हैं।
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