हाईटेक जेल में 5 वारदात,कैदी फरार से मौ*त तक, सुरक्षा पर उठे सवाल

रेवाड़ी की हाईटेक जेल में पांच महीने में पांच बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। कैदियों के फरार होने, हवालाती की मौत, मारपीट और सैनिटाइजर पीने की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

हाईटेक जेल में 5 वारदात,कैदी फरार से मौ*त तक, सुरक्षा पर उठे सवाल

रेवाड़ी की हाईटेक जेल में 5 महीने में 5 बड़ी वारदात
कैदी फरार से लेकर मौत और गुटों की भिड़ंत तक उठे सुरक्षा पर सवाल
जेल ब्रेक केस में सुपरिटेंडेंट समेत 8 कर्मचारी हो चुके सस्पेंड

रेवाड़ी। करीब 13 महीने पहले शुरू हुई रेवाड़ी की हाईटेक जेल अब लगातार सामने आ रही घटनाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। जून 2025 में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस नई जेल का उद्घाटन किया था। इसके बाद जिला जेल को पुराने कोर्ट रोड से नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया था।

नई जेल को प्रदेश की आधुनिक और हाईटेक जेलों में शामिल किया गया था। लेकिन पिछले करीब पांच महीनों में यहां एक के बाद एक पांच बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें दो हवालातियों के जेल से फरार होने, कैदियों की तबीयत बिगड़ने, एक हवालाती की मौत, दो गुटों में मारपीट और अब एक हवालाती द्वारा खुद को नुकसान पहुंचाने तथा सैनिटाइजर पीने की घटना शामिल है।

जेल ब्रेक मामले में जेल सुपरिटेंडेंट समेत 8 कर्मचारियों को निलंबित भी किया जा चुका है। इसके बावजूद लगातार सामने आ रही घटनाओं ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहले हाथ पर हमला किया, फिर पी लिया सैनिटाइजर

गुरुवार शाम जेल में बंद साइबर ठगी के एक आरोपी ने बाथरूम में खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। आरोपी ने पानी रोकने के लिए लगी जाली से अपने हाथ पर हमला किया।

इसके बाद उसे जेल की डिस्पेंसरी ले जाया गया। वहां उसने कथित तौर पर रखा हुआ सैनिटाइजर पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। बाद में डॉक्टरों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।

आरोपी की पहचान मनोज के रूप में हुई है। वह जींद की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का रहने वाला है। साइबर पुलिस ने 5 मई को उसे एक्स सर्विसमैन और उसकी पत्नी को 54 दिन तक हाउस अरेस्ट रखकर करीब 1.89 करोड़ रुपये की ठगी करने की शिकायत के मामले में गिरफ्तार किया था।

जेल सुपरिटेंडेंट रेशम सिंह के अनुसार मनोज मानसिक रूप से परेशान है और फिलहाल जेल से बाहर अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानी के चलते ही उसने यह कदम उठाया।

28 मार्च को दो हवालाती जेल से फरार

इससे पहले 28 मार्च को जेल की सुरक्षा व्यवस्था को सबसे बड़ा झटका लगा था। साइबर ठगी के आरोपी दो हवालाती जेल से फरार हो गए थे।

शाम के समय कैदियों की गिनती के दौरान जेल प्रशासन को उनके गायब होने का पता चला। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने सीढ़ी का इस्तेमाल किया और करीब 25 फीट ऊंची दीवार फांदकर जेल से बाहर निकल गए।

फरार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी 22 वर्षीय फैजान और इटावा निवासी 21 वर्षीय जाहिद के रूप में हुई थी। हालांकि पुलिस ने दोनों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया था।

इस मामले में जेल सुपरिटेंडेंट सुरेंद्र दलाल के अलावा पांच हेड वार्डर और दो वार्डर को निलंबित किया गया था।

जुलाई में दो कैदियों की तबीयत बिगड़ी

13 जुलाई को जेल में दो कैदियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। दोनों को उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर किया गया।

जेल अधिकारियों के अनुसार सफाई के दौरान धतूरे के बीच खाना खाने से दोनों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई थी। इनमें से एक कैदी पॉक्सो एक्ट के मामले में सजा काट रहा था। उसे कुछ दिन पहले ही भोंडसी जेल से रेवाड़ी जेल में शिफ्ट किया गया था।

27 जुलाई को हवालाती की मौत

27 जुलाई को जेल में बंद साइबर ठगी के आरोपी महाराष्ट्र निवासी राहुल राजेंद्र कदम की मौत हो गई थी। वह करीब 40 वर्ष का था।

साइबर पुलिस ने राहुल राजेंद्र कदम और महाराष्ट्र निवासी संतोष मधुसूदन नार्वेकर को 24 जुलाई को ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था। दोनों को 25 जुलाई को अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जेल में राहुल ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।

बैरक का गेट खोलने को लेकर दो गुट भिड़े

30 जुलाई को जेल के अंदर बैरक का गेट खोलने को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में लात-घूंसे चलने लगे

इस मामले में माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी सहित उनके नौ साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। बताया गया कि नंबरदार द्वारा बैरक का गेट नहीं खोलने पर हाथी गुट नाराज था। गेट खुलने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई।

हमले में गुरुग्राम के बधवाड़ी निवासी हवालाती रोशन, रेवाड़ी के मुक्तिवाड़ा निवासी वेदप्रकाश और गुज्जरवाड़ा निवासी इंद्र को चोटें आई थीं।

हाईटेक जेल की सुरक्षा पर लगातार उठ रहे सवाल

लगभग 13 महीने पहले शुरू हुई जेल में पांच महीने के भीतर पांच अलग-अलग घटनाओं का सामने आना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खास तौर पर जेल से दो हवालातियों का फरार होना और उसके बाद लगातार कैदियों से जुड़ी घटनाओं ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल बढ़ाए हैं।

हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और सामने आ रही कमियों को लगातार दूर किया जा रहा है।

जेल प्रशासन बोला- सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

वर्तमान जेल सुपरिटेंडेंट रेशम सिंह ने कहा कि उन्होंने हाल ही में जेल का कार्यभार संभाला है। उनके अनुसार जेल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मनोज मानसिक रूप से परेशान था और इसी वजह से उसने बाथरूम तथा डिस्पेंसरी में खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया और उसका उपचार कराया जा रहा है।

सुपरिटेंडेंट ने यह भी कहा कि जेल में जो भी कमियां सामने आ रही हैं, उन्हें समय के साथ दूर किया जा रहा है।