शंभू बॉर्डर पर कौमी इंसाफ मोर्चा का धरना समाप्त, सरकार से बनी सहमति
शंभू बॉर्डर पर कौमी इंसाफ मोर्चा का धरना सरकार से वार्ता के बाद समाप्त हुआ। ज्ञापन सौंपा गया और दिल्ली कूच टाल दिया गया। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
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शंभू बॉर्डर पर कौमी इंसाफ मोर्चा का धरना खत्म
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सरकार से वार्ता में बनी सहमति, ज्ञापन सौंपा गया
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दिल्ली कूच का फैसला टला, पुलिस ने कड़ी नाकेबंदी की
शंभू बॉर्डर पर चल रहा कौमी इंसाफ मोर्चा का धरना बुधवार को समाप्त हो गया है। धरने को समाप्त करने का ऐलान कमेटी सदस्यों द्वारा किया गया। मोर्चा नेताओं और प्रशासन-सरकार के बीच हुई बातचीत में सहमति बन गई है। अधिकारियों के साथ बैठक के बाद गुरशरण सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार से आए डायरेक्टर के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। ज्ञापन सौंपने के बाद उन्हें आश्वासन मिला है कि इसे दिल्ली में संबंधित मंत्री तक पहुंचाया जाएगा और जल्द समाधान निकाला जाएगा।
आज सुबह पंजाब के किसान यूनियनों और कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्य बड़ी संख्या में दिल्ली कूच को लेकर शंभू बॉर्डर पहुंचे थे। दोपहर तक बॉर्डर क्षेत्र में जमावड़ा बढ़ गया था, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट रहीं।
किसान यूनियन नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि कौमी इंसाफ मोर्चा ने दिल्ली मार्च का एलान किया था और किसानों ने इसका समर्थन दिया है। वहीं क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष डॉ. दर्शन पाल सिंह ने कहा कि उनकी तीन प्रमुख मांगें हैं — सिख बंदियों की रिहाई, धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर कड़ा कानून, और राजनीतिक बंदियों जैसे सोनम वांगचुक की रिहाई।
इसके चलते शंभू बॉर्डर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भारी पुलिस बल तैनात किया गया और वाहनों के लिए रूट डायवर्जन योजना लागू की गई। लुधियाना, अंबाला, पटियाला और मोहाली की तरफ से आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया।
राजपुरा, बनूड़, डेराबस्सी और लांडरां रूट से ट्रैफिक मूवमेंट को नियंत्रित किया गया। छोटे वाहनों को भी मनौली, सूरजपुर, लेहली और लालडू के रास्ते डायवर्ट किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोर्चा नेताओं ने धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद बॉर्डर पर स्थिति सामान्य होने लगी।
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