शिमला पुलिस ने दो अंतरराज्यीय नशा सप्लायरों को किया गिरफ्तार, बैकवर्ड लिंकज से सप्लाई नेटवर्क तक पहुंची पुलिस
शिमला पुलिस ने दो मामलों में अंतरराज्यीय हेरोइन सप्लायरों को गिरफ्तार किया। 2026 में 66 मुख्य सप्लायर पकड़े और 50 नशा नेटवर्क ध्वस्त किए।
शिमला पुलिस ने दो अंतरराज्यीय नशा सप्लायरों को किया गिरफ्तार, बैकवर्ड लिंकज से खुली सप्लाई नेटवर्क की कड़ी
➤ तरनतारन और जालंधर से पकड़े गए आरोपी, Signal App के जरिए संपर्क और हिमाचल तक हेरोइन सप्लाई का खुलासा
➤ 2026 में अब तक 66 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, 50 नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त और 6.38 करोड़ की संपत्ति जब्त या फ्रीज
शिमला: नशा तस्करी के खिलाफ अभियान में शिमला पुलिस ने सप्लाई नेटवर्क की जड़ तक पहुंचते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो प्रमुख अंतरराज्यीय सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने केवल नशे की खेप बरामद करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि बैकवर्ड लिंकज के जरिए उन लोगों तक पहुंच बनाई, जो हिमाचल प्रदेश में हेरोइन और चिट्टे की सप्लाई कर रहे थे।
ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि पुलिस की जांच का फोकस नशे की खेप के स्रोत और उसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क को सामने लाने पर है। इसी कड़ी में पहले मामले में तरनतारन, पंजाब से और दूसरे मामले में जालंधर से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन के मामले में तरनतारन से गिरफ्तारी
पहले मामले में 3 अगस्त 2026 को स्पेशल सेल, जिला शिमला ने शोघी के पास विजय कुमार को 1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
जांच के दौरान सामने आया कि यह नशे की खेप शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान, पुत्र निर्मल सिंह, निवासी जिला तरनतारन, पंजाब, उम्र 21 वर्ष ने विजय कुमार को उपलब्ध करवाई थी।
ASP सिटी मेहर पंवर के अनुसार, दोनों के बीच संपर्क के लिए Signal App का इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान ने विजय कुमार को 1.120 किलोग्राम हेरोइन की खेप दी थी।
पुलिस के मुताबिक विजय कुमार इस खेप को लेकर शिमला आया था। यहां हेरोइन को कई हिस्सों में बांटकर आगे अन्य सप्लायरों को दिया जाना था। मामले में बैकवर्ड लिंकज खंगालने के बाद पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान को तरनतारन, पंजाब से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि शुभकरमन सिंह की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण सप्लाई कड़ी सामने आई है। अब उसके अन्य संपर्कों, सप्लाई नेटवर्क और नशे की खेप के स्रोत की जांच की जा रही है।
64 ग्राम हेरोइन/चिट्टा मामले में भी सप्लाई चेन तक पहुंची पुलिस
दूसरे मामले में अभियोग संख्या 60/2026, दिनांक 03.07.2026, धारा 21, 29 ND&PS Act के तहत पुलिस थाना कोटखाई में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई को पुलिस टीम ने राहुल शर्मा, रक्षित चौहान और लवली शर्मा के कब्जे से 64 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया था। इसके बाद जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकज खंगालना शुरू किया।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने अमित महावे को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस को सप्लाई नेटवर्क की एक और महत्वपूर्ण कड़ी का पता चला।
जांच में सामने आया कि कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी, पुत्र लखवीर सिंह, निवासी जिला मोगा, पंजाब, उम्र 26 वर्ष, अमित महावे के नियमित संपर्क में था और उसे हेरोइन की सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार अमित महावे आगे यह हेरोइन हिमाचल प्रदेश में अपने संपर्कों के जरिए सप्लाई कर रहा था।
बैकवर्ड लिंकज की जांच के आधार पर पुलिस टीम ने 8 अगस्त 2026 को कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी को जालंधर से गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि कोमलप्रीत सिंह की गिरफ्तारी से हेरोइन सप्लाई चेन की एक महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय कड़ी का खुलासा हुआ है। अब आरोपी से पूछताछ के जरिए उसके अन्य संपर्कों और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है।
खेप पकड़ने के साथ नेटवर्क की आर्थिक और आपराधिक रीढ़ पर कार्रवाई
शिमला पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी के खिलाफ उसकी कार्रवाई का दायरा केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है। पुलिस का फोकस सप्लाई नेटवर्क की आर्थिक और आपराधिक रीढ़ को चिन्हित कर उसे पूरी तरह ध्वस्त करने पर है।
बैकवर्ड लिंकज के जरिए उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, जो नशे की खेप को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने और फिर स्थानीय स्तर पर सप्लाई करने में भूमिका निभा रहे हैं।
पुलिस की हालिया कार्रवाई में भी यही रणनीति दिखाई दी। पहले नशे की खेप के साथ आरोपी पकड़े गए और फिर जांच को पीछे की ओर ले जाते हुए उन सप्लायरों तक पहुंच बनाई गई, जिन्होंने खेप उपलब्ध कराई थी।
2026 में अब तक 216 मामले, 448 आरोपी गिरफ्तार
शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक ND&PS Act के तहत 216 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में कुल 448 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
बैकवर्ड लिंकज के माध्यम से पुलिस ने अब तक 66 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए हैं और 50 प्रमुख नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में 7 और वर्ष 2024 में 12 सप्लायर गिरफ्तार किए गए थे। इस लिहाज से वर्ष 2026 में बैकवर्ड लिंकज के जरिए मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने की कार्रवाई में बढ़ोतरी हुई है।
2026 में 4.4 किलोग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद
शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक कुल 4.4 किलोग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया है। वर्ष 2025 में 1.3 किलोग्राम और वर्ष 2024 में 1.8 किलोग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ था।
पुलिस की कार्रवाई में नशे की बरामदगी के साथ-साथ सप्लाई चेन में शामिल मुख्य लोगों तक पहुंचने पर भी जोर दिया जा रहा है।
नशा तस्करों की 6.38 करोड़ की संपत्ति जब्त या फ्रीज
नशा तस्करों की आर्थिक गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए भी शिमला पुलिस ने कार्रवाई की है। वर्ष 2026 में वित्तीय जांच के आधार पर 6.38 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त/फ्रीज की गई है।
वहीं वर्ष 2025 और 2024 में इस श्रेणी में कोई संपत्ति जब्त/फ्रीज नहीं की गई थी।
पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए उसके आर्थिक स्रोतों और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है, ताकि अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
PITNDPS Act के तहत भी बढ़ी कार्रवाई
शिमला पुलिस ने PITNDPS Act के तहत भी निवारक कार्रवाई की है। वर्ष 2026 में अब तक 40 निवारक निरोध किए गए हैं। वर्ष 2025 में 3 और वर्ष 2024 में कोई निवारक निरोध नहीं किया गया था।
पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी के खिलाफ अभियान में सप्लायरों की पहचान, नेटवर्क को ध्वस्त करने, आर्थिक गतिविधियों पर कार्रवाई और निवारक निरोध जैसे विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है।
ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि पुलिस नशे की सप्लाई के पीछे मौजूद नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर आगे की कार्रवाई कर रही है। हालिया गिरफ्तारियों के बाद आरोपियों के अन्य संपर्कों और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों की जांच जारी है।
बाइट— मेहर पंवर, ASP सिटी, शिमला पुलिस
pooja