हिमाचल में जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार,सुक्खू ने दिए संकेत, प्रियंका गांधी के मंडी न पहुंचने पर भी गरमाई सियासत
हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सुक्खू ने दिए संकेत। खराब मौसम से प्रियंका गांधी मंडी नहीं पहुंचीं। अफसरों की कटौती और रिटायर अधिकारियों पर जयराम ठाकुर ने सवाल उठाए।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर शुरुआती चर्चा पूरी, अगले चरण की बातचीत के बाद होगा फैसला
➤ खराब मौसम के कारण प्रियंका गांधी देउरी स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं
➤ अफसरों की संख्या घटाने पर सुक्खू और जयराम ठाकुर आमने-सामने, रिटायर अधिकारियों के सेवा विस्तार पर भी सवाल
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संकेत दिए हैं कि इस संबंध में प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है और अगले चरण की बातचीत के बाद विस्तार को लेकर निर्णय लिया जाएगा। वहीं मंडी जिले के देउरी स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रियंका गांधी के नहीं पहुंचने को लेकर भी राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री ने खराब मौसम को इसकी वजह बताया, जबकि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने इसको लेकर कांग्रेस और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा।
शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देउरी स्कूल, मंत्रिमंडल विस्तार, अधिकारियों के कैडर में कटौती, मानसून सत्र और भाजपा के कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब मौसम के कारण प्रियंका गांधी स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाईं, लेकिन उन्होंने स्कूल के बच्चों के लिए विशेष संदेश भेजा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देउरी स्कूल का निर्माण करीब 4 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी लगातार स्कूल के निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी लेती रही हैं और वह स्कूल का उद्घाटन करना चाहती थीं, लेकिन खराब मौसम के कारण मंडी नहीं आ सकीं।
मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू ने स्कूल के बच्चों को प्रियंका गांधी का संदेश सुनाया। संदेश में बच्चों को बेहतर सुविधाओं के साथ स्कूल में बैठाने और उन्हें शिक्षा उपलब्ध कराने की बात कही गई।
मंत्रिमंडल विस्तार पर सीएम सुक्खू ने दिए संकेत
हिमाचल सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस संबंध में प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है। उन्होंने संकेत दिया कि अगले चरण की बातचीत के बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद हिमाचल की सियासत में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, उन्होंने विस्तार की तारीख या इसमें शामिल किए जाने वाले नामों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी।
अधिकारियों के कैडर में कटौती का सुक्खू ने किया बचाव
अधिकारियों के कैडर में कटौती के फैसले का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को जरूरत से ज्यादा आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की आवश्यकता नहीं है। उनके मुताबिक आवश्यकता से अधिक अधिकारी प्रदेश पर आर्थिक बोझ बढ़ाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों की संख्या में कटौती का फैसला हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। सरकार का तर्क है कि जरूरत के मुताबिक अधिकारियों की संख्या होने से प्रदेश पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जा सकता है।
हालांकि, इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की संख्या कम करने का फैसला लिया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ सेवानिवृत्त अधिकारियों को सलाहकार बनाकर सेवा विस्तार दिया जा रहा है।
मानसून सत्र पर बोले सीएम, विपक्ष चाहे तो अवधि बढ़ाने को तैयार
मानसून सत्र को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने 10 दिन का सत्र रखा है। यदि विपक्ष चाहे तो सत्र की अवधि बढ़ाने के लिए सरकार तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में नारेबाजी करने के बजाय मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार सरकार भी विपक्ष से सवाल पूछेगी।
सीएम के इस बयान को आगामी मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच होने वाली संभावित तीखी बहस के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
पेपर लीक के आरोपों पर भाजपा को सीएम का जवाब
भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के पेपर लीक संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कई भर्तियां पूरी हुई हैं और हजारों युवा नौकरी ज्वाइन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जेबीटी, लेक्चरर, स्टाफ नर्स और सीबीएसई शिक्षकों की भर्ती प्रक्रियाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार लगातार भर्तियां कर रही है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को व्यवस्था परिवर्तन नजर नहीं आएगा, क्योंकि उसका उद्देश्य केवल सत्ता में बने रहना है।
केंद्र से 1500 करोड़ रुपये की मांग पर भी बोले सुक्खू
केंद्र से 1500 करोड़ रुपये की मांग को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पत्र लिखा है और जरूरत पड़ी तो दोबारा भी पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने भाजपा नेताओं और विधायकों से हिमाचल के अधिकारों के लिए आगे आने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हितों और अधिकारों से जुड़े मामलों में सभी को मिलकर हिमाचल की आवाज उठानी चाहिए।
भाजपा की चार्जशीट समिति और सांसदों के रिपोर्ट कार्ड पर निशाना
सांसदों के रिपोर्ट कार्ड और भाजपा की चार्जशीट समिति को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल सोशल मीडिया की राजनीति कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार जल्द ही तथ्यों के साथ श्वेत पत्र जारी करेगी, जिसमें वास्तविक स्थिति सामने रखी जाएगी।
जयराम ठाकुर ने प्रियंका गांधी के दौरे को लेकर उठाए सवाल
उधर, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने मंडी जिले के देउरी स्कूल के उद्घाटन को लेकर कांग्रेस और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी के लिए इस स्कूल के उद्घाटन का कार्यक्रम तीन-तीन बार तय किया गया और हर बार पूरी तैयारियां की गईं, लेकिन वह नहीं पहुंचीं। इसके कारण विद्यालय का लोकार्पण नहीं हो सका।
जयराम ठाकुर ने कहा कि विद्यालय भवन करीब नौ महीने पहले बनकर तैयार हो चुका है। इसके बावजूद छात्र उसमें पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए सरकार के मंत्री, अधिकारी और पुलिस बल पूरी तैयारी के साथ मंडी पहुंचे, लेकिन प्रियंका गांधी नहीं आईं।
नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले को लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार कार्यक्रम तय होने के बावजूद उद्घाटन नहीं हो पाया।
देउरी स्कूल का मामला न्यायालय में विचाराधीन: जयराम ठाकुर
जय राम ठाकुर ने कहा कि यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और आज इसकी सुनवाई भी है। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में लोगों की उम्मीदें न्यायालय से हैं और सभी न्यायालय के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायालय का फैसला महत्वपूर्ण होगा और लोगों की निगाहें अब अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं।
रिटायर अधिकारियों को सेवा विस्तार देने पर सरकार को घेरा
अधिकारियों के कैडर में कटौती के मुद्दे पर जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक तरफ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की संख्या में कटौती का फरमान जारी कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ चार-चार और पांच-पांच साल पहले सेवानिवृत्त अधिकारियों को सलाहकार बनाकर रखा गया है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि इन सेवानिवृत्त अधिकारियों को कैबिनेट वाली ज्यादातर सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे विरोधाभासी बताया।
इस तरह हिमाचल प्रदेश में एक ओर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों के कैडर में कटौती, सेवानिवृत्त अधिकारियों को सेवा विस्तार, देउरी स्कूल के उद्घाटन और मानसून सत्र जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव बढ़ता नजर आ रहा है।
pooja