सोनीपत के महिला मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा पर सवाल: 15 अगस्त की रात छेड़खानी के बाद भी इंतजाम नहीं, ट्रेनी डॉक्टर हड़ताल पर

सोनीपत के खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज में 15 अगस्त की रात दो डॉक्टरों से छेड़खानी के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। डॉक्टरों ने गार्ड और लाइटिंग की व्यवस्था की मांग करते हुए हड़ताल शुरू की।

सोनीपत के महिला मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा पर सवाल: 15 अगस्त की रात छेड़खानी के बाद भी इंतजाम नहीं, ट्रेनी डॉक्टर हड़ताल पर

➤ 15 अगस्त की रात दो महिला डॉक्टरों से छेड़खानी के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
➤ 24 घंटे में सुरक्षा देने का भरोसा, लेकिन डॉक्टरों का आरोप- अब तक नहीं तैनात हुए गार्ड
➤ समाधान नहीं होने तक हड़ताल पर डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग


सोनीपत। खानपुर स्थित महिला मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 15 अगस्त की रात दो डॉक्टरों के साथ हुई छेड़खानी की घटना के बाद अब कॉलेज की करीब 720 ट्रेनी डॉक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। डॉक्टरों और छात्राओं का आरोप है कि घटना के बाद अधिकारियों से बातचीत हुई, सभी डॉक्टर ड्यूटी पर भी लौट आए, लेकिन सुरक्षा के लिए जिन इंतजामों का भरोसा दिया गया था, वे अभी तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।

घटना के बाद कैंपस में इकट्ठा हुईं छात्राएं।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब महिला मेडिकल कॉलेज में सैकड़ों ट्रेनी डॉक्टर पढ़ रही हैं और कॉलेज परिसर में निर्माण कार्य भी चल रहा है, तो संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती क्यों नहीं की गई। छात्राओं का कहना है कि जिस जगह निर्माण कार्य चल रहा है, वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में रात के समय वहां से गुजरने वाली महिला डॉक्टरों और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

मेडिकल कॉलेज के कैंपस में छेड़छाड़ की घटना के बाद स्टूडेंट्स ने डायरेक्टर ऑफिस के बाहर धरना शुरू कर दिया।

15 अगस्त की रात हुई घटना के बाद बढ़ी चिंता

ट्रेनी डॉक्टरों के अनुसार, 15 अगस्त की रात दो डॉक्टर साथियों के साथ छेड़खानी की घटना हुई। डॉक्टरों का कहना है कि यह घटना गंभीर थी और यदि समय रहते सख्त कार्रवाई तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़ी घटना हो सकती है।

घटना के बाद डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से बातचीत की। बातचीत के बाद सभी डॉक्टर वापस अपनी ड्यूटी पर लौट आए थे। उस समय कॉलेज प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा दिया गया था।

24 घंटे की मोहलत मांगी, लेकिन सुरक्षा इंतजाम का इंतजार

महिला डॉक्टरों का कहना है कि कॉलेज की ओर से 24 घंटे की मोहलत मांगी गई थी और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। डॉक्टरों के मुताबिक, भरोसा था कि इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, लेकिन समय बीतने के बाद भी अपेक्षित सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।

महिला मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली एक महिला डॉक्टर का कहना है कि अधिकारियों के साथ बातचीत हो चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि केवल आश्वासन से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। उन्हें कॉलेज परिसर में वास्तविक और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था चाहिए।

मेडिकल कॉलेज डायरेक्टर ऑफिस के बाहर धरने पर बैठी स्टूडेंट्स ने 19 मांगें रखी हैं।

निर्माण स्थल पर अंधेरा, गार्ड की तैनाती भी नहीं

डॉक्टरों और छात्राओं ने कॉलेज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक और गंभीर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्य चल रहा है और उसी क्षेत्र में अंधेरा रहता है। वहां पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं की गई है।

डॉक्टरों का आरोप है कि कॉलेज परिसर में कई जगहों पर गार्ड की तैनाती नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से जहां महिला डॉक्टरों और छात्राओं की आवाजाही रहती है, वहां सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी जरूरी है। लेकिन अभी तक पर्याप्त संख्या में गार्ड तैनात नहीं किए गए हैं।

स्टूडेंट्स के धरने पर पहुंचे डायरेक्टर जगदीश चंद्र दुरेजा ने सिक्योरिटी बढ़ाने का आश्वासन दिया।

डॉक्टरों ने कहा- दो साथियों के साथ हुआ, बड़ी घटना टली

महिला डॉक्टरों और स्टूडेंट्स का कहना है कि उनके दो डॉक्टर साथियों के साथ छेड़खानी की घटना ने पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा कर दी है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आगे कोई बड़ी घटना हो सकती है

डॉक्टरों का कहना है कि सभी लड़कियां अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं। इसी वजह से अब उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जवाब और ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

समाधान नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने का फैसला

फिलहाल डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जब तक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

डॉक्टरों की मांग है कि कॉलेज परिसर में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, अंधेरे वाले स्थानों पर उचित लाइटिंग व्यवस्था और महिला डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं।

डॉक्टरों और छात्राओं ने स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों तथा मुख्यमंत्री से भी मामले का जल्द संज्ञान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि यह केवल दो डॉक्टरों की सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि पूरे महिला मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली करीब 720 ट्रेनी डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।