सोनीपत की धाकड़ पहलवान निशा मोर ने स्टेट स्कूल गर्ल्स रैसलिंग चैम्पियनशिप अंडर-17 में जीता स्वर्ण पदक

सोनीपत की लडसौली गांव की बेटी निशा मोर ने हरियाणा स्टेट स्कूल गर्ल्स रैसलिंग चैम्पियनशिप (अंडर-17, 53 किग्रा वर्ग) में स्वर्ण पदक जीतकर गांव और जिले का नाम रोशन किया।

सोनीपत की धाकड़ पहलवान निशा मोर ने स्टेट स्कूल गर्ल्स रैसलिंग चैम्पियनशिप अंडर-17 में जीता स्वर्ण पदक

➤ सोनीपत की बेटी निशा मोर ने अंडर-17 रैसलिंग में जीता स्वर्ण पदक
➤ मां गांव की सरपंच, पिता ने बेटी के लिए ओलंपिक गोल्ड का सपना देखा
➤ समापन समारोह में विधायक और जिला शिक्षा अधिकारी ने किया सम्मान


सुशील मोर

सोनीपत जिले के लडसौली गांव की बेटी निशा मोर ने हरियाणा स्टेट स्कूल गर्ल्स रैसलिंग चैम्पियनशिप (अंडर-17, 53 किग्रा वर्ग) में स्वर्ण पदक जीतकर गांव और जिले का नाम गौरवान्वित किया है। लडसौली गांव खेलों में अपनी गहरी परंपरा के लिए जाना जाता है और कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यहां से निकल चुके हैं। अब निशा ने अपने शानदार प्रदर्शन से इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साबित किया है कि कड़ी मेहनत और लगन से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।

निशा के परिवार का समर्थन उनकी सफलता की बड़ी ताकत है। मां सुशीला, जो वर्तमान में गांव की सरपंच हैं, और पिता प्रियव्रत मोर, जो खेती-बाड़ी करते हैं, बेटी की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। पिता का सपना है कि निशा एक दिन ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करे। इसी सपने को पूरा करने के लिए निशा निरंतर कठिन परिश्रम कर रही है।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि विधायक पवन खरखौदा और जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने निशा मोर को मंच पर सम्मानित किया और उसकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। विधायक ने कहा कि हरियाणा की बेटियाँ आज आत्मविश्वास और जोश के साथ खेल के मैदान में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। निशा जैसी खिलाड़ी राज्य की खेल संस्कृति का प्रतीक हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रताप स्कूल की खेल सुविधाओं और प्रशिक्षकों की सराहना की और कहा कि यहां से निकलने वाले खिलाड़ी लगातार देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

निशा की इस ऐतिहासिक जीत से लडसौली गांव में उत्साह और खुशी का माहौल है। ग्रामीण बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं और परिवार का कहना है कि निशा अपने अनुशासन और मेहनत से आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का तिरंगा लहराने की क्षमता रखती है।