हरियाणा CM को PM बनाने की मन्नत लेकर निकला शिवभक्त, 551 लीटर गंगाजल से 300 बीमार गोवंशों को नहलाएगा कांवड़िया

हरियाणा के पानीपत का शिवभक्त मुख्यमंत्री नायब सैनी को प्रधानमंत्री बनने की मन्नत लेकर अनोखी कांवड़ यात्रा पर निकला, वहीं दादरी का कांवड़िया 551 लीटर गंगाजल से 300 गोवंशों को नहलाएगा।

हरियाणा CM को PM बनाने की मन्नत लेकर निकला शिवभक्त, 551 लीटर गंगाजल से 300 बीमार गोवंशों को नहलाएगा कांवड़िया

पानीपत का शिवभक्त सीएम नायब सैनी को प्रधानमंत्री बनने की मन्नत के साथ अनोखी कांवड़ लेकर चंडीगढ़ रवाना
कांवड़ पर भगवान भोलेनाथ और मुख्यमंत्री नायब सैनी की तस्वीरें, 11 अगस्त को CM हाउस पहुंचने का दावा
चरखी दादरी का कांवड़िया 551 लीटर गंगाजल से 300 बीमार गोवंशों को नहलाने का संकल्प लेकर लौटा


सावन के पवित्र महीने में जहां हजारों कांवड़िए भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हैं, वहीं हरियाणा के दो शिवभक्त अपनी अलग-अलग मन्नतों और संकल्पों के कारण चर्चा में हैं। पानीपत के एक शिवभक्त ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को प्रधानमंत्री बनते देखने की मन्नत के साथ विशेष कांवड़ तैयार कराई है। दूसरी ओर चरखी दादरी का एक शिवभक्त 551 लीटर गंगाजल लेकर लौट रहा है, ताकि वह अपनी गोशाला में मौजूद 300 बीमार गोवंशों को गंगाजल से स्नान करा सके।

551 लीटर गंगाजल की कांवड़ खींचता चरखी दादरी का जोनी सैन।

भोलेनाथ और मुख्यमंत्री की तस्वीरों से सजाई अनोखी कांवड़

पानीपत के ऊंटला गांव निवासी विलासराज ने अपनी कांवड़ को विशेष रूप से तैयार कराया है। कांवड़ पर एक ओर भगवान भोलेनाथ और दूसरी ओर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तस्वीर लगाई गई है। विलासराज का कहना है कि वह यह कांवड़ 23 जुलाई को हरिद्वार से लेकर चला था और 11 अगस्त को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचने की उम्मीद है।

उनके अनुसार, वह वहां पहुंचकर यह गंगाजल मुख्यमंत्री को भेंट करेगा, जिससे भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। हरिद्वार से चंडीगढ़ तक की इस यात्रा में उसे लगभग 20 दिन लगेंगे।

'नायब सैनी प्रधानमंत्री बनें', यही है शिवभक्त की मन्नत

विलासराज का कहना है कि वह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को देश का प्रधानमंत्री बनते देखना चाहता है। इसी मन्नत के साथ वह यह यात्रा कर रहा है। उसका कहना है कि मुख्यमंत्री ने युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची रोजगार देने का काम किया है, जिससे वह प्रभावित है।

विलासराज ने बताया कि वह स्वयं मजदूरी करता है। उसके परिवार का कोई भी सदस्य सरकार की किसी योजना का लाभ नहीं ले रहा, लेकिन लाडो लक्ष्मी योजना और बुढ़ापा पेंशन बढ़ाने जैसे फैसलों से उसे खुशी मिली है।

कांवड़ लेकर चलने से पहले पूजा करते हुए जोनी सैन।

दो बच्चों का पिता, दूसरी बार निकला कांवड़ यात्रा पर

विलासराज दो बच्चों का पिता है और उसकी दो बहनें हैं, जिनका वह इकलौता भाई है। उसने बताया कि यह उसकी दूसरी कांवड़ यात्रा है। पानीपत तक उसके साथ कई कांवड़िए चल रहे हैं, लेकिन वहां से चंडीगढ़ के मुख्यमंत्री आवास तक वह अकेले ही जाएगा।

551 लीटर गंगाजल से 300 बीमार गोवंशों को नहलाने का संकल्प

दूसरी ओर चरखी दादरी के बधवाना गांव निवासी जोनी सैन अपनी अलग ही आस्था और सेवा भाव के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने हरिद्वार से 551 लीटर गंगाजल लेकर लौटने का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि इस गंगाजल से वह अपनी गोशाला में मौजूद 300 बीमार गोवंशों को स्नान कराएंगे।

जोनी अपने साथियों के साथ महेंद्रगढ़ में बेसहारा गोवंशों के लिए गोशाला संचालित करते हैं। यहां बीमार और घायल गोवंशों का इलाज भी कराया जाता है।

जोनी अपने दोस्तों के साथ मिलकर महेंद्रगढ़ में गोशाला चलाते हैं।

ट्रॉली पर रखे कैन, रस्सी से खींच रहे पूरी कांवड़

जोनी ने बताया कि उन्होंने 50-50 लीटर के चार कैन सहित कुल 551 लीटर गंगाजल की व्यवस्था की है। इन कैनों को एक छोटी ट्रॉली पर सजाया गया है, जिसे रस्सी के सहारे खींचते हुए वह यात्रा पूरी कर रहे हैं। उनकी कांवड़ पर चारों ओर गोवंशों के पोस्टर भी लगाए गए हैं।

गोवंश की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा मानते हैं जोनी

जोनी का कहना है कि सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गोवंशों की स्थिति देखकर उन्हें काफी पीड़ा होती है। उनकी गोशाला में भी गंभीर हालत में कई गायें लाई जाती हैं। उनका मानना है कि यदि गाय को भारत में माता का दर्जा मिले तो उनकी स्थिति में सुधार आ सकता है।