राहुल गांधी के खिलाफ अनुराग ठाकुर का विशेषाधिकार हनन नोटिस

बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। असंसदीय भाषा और अमित शाह पर बिना पूर्व सूचना गंभीर आरोप लगाने का आरोप लगाया गया है।

राहुल गांधी के खिलाफ अनुराग ठाकुर का विशेषाधिकार हनन नोटिस

बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस दिया
लोकसभा में असंसदीय भाषा और अमित शाह पर बिना पूर्व सूचना गंभीर आरोप लगाने का आरोप
स्पीकर ओम बिरला से विशेषाधिकार समिति को मामला भेजने और कार्रवाई की मांग


लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) और सदन की अवमानना का नोटिस दिया है। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन की कार्यवाही के दौरान असंसदीय और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बिना आवश्यक पूर्व सूचना दिए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मामले को स्वीकार कर विशेषाधिकार समिति को भेजने और नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

नियम 222 और 223 के तहत दिया गया नोटिस

अनुराग ठाकुर ने यह नोटिस लोकसभा के कामकाज और प्रक्रिया नियम 222 और 223 के तहत दिया है। नोटिस में उन्होंने कहा कि यदि अध्यक्ष उचित समझें तो मामले को नियम 227 के तहत विशेषाधिकार समिति के पास विस्तृत जांच के लिए भेजा जाए।

राहुल गांधी पर क्या लगाए गए आरोप

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 29 जुलाई को लोकसभा में NEET पेपर लीक और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हुई चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया। साथ ही उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर ऐसे गंभीर आरोप लगाए, जिनकी पूर्व सूचना नियमों के अनुसार नहीं दी गई थी।

नियम 353 का भी किया गया उल्लेख

अनुराग ठाकुर ने अपने नोटिस में कहा कि राहुल गांधी ने नियम 353 का उल्लंघन किया है। इस नियम के अनुसार यदि कोई सदस्य किसी व्यक्ति पर मानहानिकारक या दोषारोपण संबंधी आरोप लगाना चाहता है, तो उसे पहले से सूचना देना आवश्यक होता है ताकि संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिल सके।

'सदन की गरिमा प्रभावित हुई'

नोटिस में यह भी कहा गया है कि राहुल गांधी की टिप्पणियां नियम 352 (viii) की भावना के भी विपरीत हैं। आरोप है कि उन्होंने सदन में चर्चा के विषय से हटकर बाहरी और भड़काऊ उदाहरणों का इस्तेमाल किया, जिससे संसद की गरिमा प्रभावित हुई। भाजपा सांसद ने इसे विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना मानते हुए कार्रवाई की मांग की है।

स्पीकर से क्या मांग की गई

अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया है कि नोटिस स्वीकार करते हुए मामले की जांच कराई जाए। उन्होंने विशेषाधिकार समिति को संदर्भित करने और आवश्यक संसदीय कार्रवाई करने की मांग भी की है।