हिमाचल में स्वतंत्रता दिवस से पहले हाई अलर्ट: कसौली SDM कार्यालय और आर्मी पब्लिक स्कूल को धमकी भरा ई-मेल, सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय
स्वतंत्रता दिवस से पहले हिमाचल के कसौली में SDM कार्यालय और आर्मी पब्लिक स्कूल को धमकी भरे ई-मेल मिले हैं। पुलिस, साइबर टीम और डॉग स्क्वॉड जांच में जुटे हैं।
➤ कसौली के SDM कार्यालय और डगशाई के आर्मी पब्लिक स्कूल को मिला धमकी भरा ई-मेल
➤ 15 अगस्त के दौरान सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी
➤ पुलिस, साइबर टीम और डॉग स्क्वॉड जांच में जुटे, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट बढ़ा दिया गया है। कसौली स्थित एसडीएम कार्यालय और आर्मी पब्लिक स्कूल, डगशाई को धमकी भरे ई-मेल मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, साइबर टीम और डॉग स्क्वॉड को सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और सरकारी कार्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
15 अगस्त के दौरान हमले और माहौल बिगाड़ने की धमकी
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को एक अज्ञात ई-मेल आईडी से भेजे गए संदेश में 15 अगस्त के दौरान सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने, राष्ट्रविरोधी नारे लिखने और भय का माहौल पैदा करने जैसी धमकियां दी गई हैं। ई-मेल में मीडिया, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन तक यह संदेश पहुंचाने का भी उल्लेख किया गया है।
कुछ अन्य ई-मेल पतों पर भी भेजा गया संदेश
सूत्रों के अनुसार यह धमकी भरा ई-मेल केवल एसडीएम कार्यालय कसौली और आर्मी पब्लिक स्कूल, डगशाई ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य ई-मेल पतों पर भी भेजा गया है। जानकारी मिलते ही प्रशासन ने संबंधित सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को तत्काल सूचित किया।
साइबर टीम कर रही तकनीकी जांच
एसडीएम कसौली महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल मिलने के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ई-मेल की तकनीकी जांच के लिए साइबर टीम को लगाया गया है, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर डॉग स्क्वॉड को भी अलर्ट कर दिया गया है।
ई-मेल भेजने वाले की पहचान में जुटी जांच एजेंसियां
जांच एजेंसियां ई-मेल भेजने वाले की पहचान, उसकी वास्तविक लोकेशन और संदेश के स्रोत का पता लगाने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
Akhil Mahajan