कॉमनवेल्थ में हरियाणा का धमाका, 3 बॉक्सरों के मेडल पक्के
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के तीन बॉक्सर फाइनल में पहुंचकर पदक पक्का कर चुके हैं, जबकि सीमा कालीरमन ने मां बनने के बाद शानदार वापसी करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता।
➤ जैस्मिन लंबोरिया, प्रीति पंवार और अंकुश पंघाल ने फाइनल में बनाई जगह
➤ भिवानी की सीमा कालीरमन ने डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज जीतकर किया शानदार कमबैक
➤ शनिवार को तीनों हरियाणवी बॉक्सर गोल्ड के लिए उतरेंगे मैदान में
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। भिवानी की जैस्मिन लंबोरिया, प्रीति पंवार और हिसार के अंकुश पंघाल ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही तीनों खिलाड़ियों के पदक पक्के हो गए हैं और अब उनकी नजर गोल्ड मेडल पर है। दूसरी ओर भिवानी की डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा कालीरमन ने 58.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतकर शानदार वापसी की है। खास बात यह है कि सीमा ने मां बनने के बाद दो सीजन तक मैदान से दूर रहने के बावजूद संघर्ष कर यह उपलब्धि हासिल की।
प्रीति पंवार ने 5-0 से दर्ज की शानदार जीत
54 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में प्रीति पंवार ने जाम्बिया की कैथरीन मवापे को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भिवानी के बड़सेरा गांव की रहने वाली प्रीति भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं। उनके पिता सोमवीर हरियाणा पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) हैं। प्रीति इससे पहले 2022 एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज और 2025 विश्व कप में गोल्ड जीत चुकी हैं।
जैस्मिन ने दो राउंड में मुकाबला खत्म किया
57 किलो भार वर्ग में जैस्मिन लंबोरिया ने लोसोथो की रेपलान मेसेलेला को दो राउंड में ही पराजित कर फाइनल का टिकट हासिल किया। जैस्मिन के पिता जयवीर लंबोरिया होमगार्ड में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां जोगिंद्र कौर गृहिणी हैं। जैस्मिन फिलहाल फिजिकल एजुकेशन में पीजी डिप्लोमा भी कर रही हैं और 2021 में खेल कोटे से भारतीय सेना में शामिल हुई थीं।
अंकुश पंघाल की नजर अब गोल्ड पर
80 किलो भार वर्ग में हिसार के अंकुश पंघाल ने कनाडा के जोशुआ ओफोरी को हराकर फाइनल में जगह बनाई। 19 वर्षीय अंकुश भौरिया गांव के रहने वाले हैं और 12 वर्ष की उम्र से बॉक्सिंग कर रहे हैं। उन्होंने 2023 यूथ चैंपियनशिप में सिल्वर तथा 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में भी सिल्वर मेडल जीता था।
मां बनने के बाद सीमा ने किया दमदार कमबैक
भिवानी के दिनोद गांव की रहने वाली 27 वर्षीय सीमा कालीरमन ने 58.65 मीटर का थ्रो कर डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। सीमा चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी भी कर रही हैं। बेटे रुद्र के जन्म के बाद वह दो सीजन तक प्रतियोगिताओं से दूर रहीं। इसके बाद उन्होंने दोबारा कड़ी मेहनत की और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर शानदार वापसी की।
पति बने कोच, बेटे ने दिया सबसे बड़ा हौसला
सीमा की सफलता के पीछे उनके पति रविंद्र का अहम योगदान रहा। चोट के कारण अपना खेल करियर आगे नहीं बढ़ा पाने वाले रविंद्र ने सीमा को ट्रेनिंग देकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। सीमा कई बार कह चुकी हैं कि उनके चार वर्षीय बेटे रुद्र के उत्साहवर्धक शब्द उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरित करते हैं।
शनिवार को गोल्ड के लिए उतरेंगे तीनों बॉक्सर
अब हरियाणा की उम्मीदें जैस्मिन लंबोरिया, प्रीति पंवार और अंकुश पंघाल पर टिकी हैं। तीनों खिलाड़ी शनिवार को फाइनल मुकाबले में गोल्ड मेडल जीतने के इरादे से रिंग में उतरेंगे।
Akhil Mahajan